प्रयागराज(आरएनएस)। माही मुकद्दस रमजान में क्या बूढ़े क्या जवान सभी अल्लाह की इबादत में मसरूफ है। हा लॉ कि रोजा आसान नहीं है फिर भी खुदा की राह में रोजा रखने वालों में अब बच्चे भी आगे आने लगे हैं। ऐसा ही एक बच्चा 6 साल की उम्र में पहली बार रोजेदार हुआ।
चकिया कसारी मसारी हम्माद काजिम उम्र केवल छ: साल में पहला रोजा रखा। हम्माद काजिम इंटरनेशनल स्कूल और कॉलेज सिविल लाइन प्रेप सी के स्टूडेंट है। रोजा रखने के लिए खुशी-खुशी सहरी की और मगरिब की अजान होते ही उनकी दादी और मां ने रोजा इफ्तार करवाया इस मौके पर घर के सारे सदस्य मौजूद थे। अपने पिताजी मोहम्मद काजिम के साथ मगरिब की नमाज भी पढ़ने गए।