किसान नें मोटे आनाज की खेती से कमाया भारी मुनाफा

बृहस्पति कुमार पाण्डेय

*किसान के साँवा की मटके वाली पैकिंग कर रही आकर्षित* 

बस्ती: बीता साल पूरी दुनियां में मोटे अनाज वर्ष के रूप में मनाया गया. इससे मोटे अनाजों के खेती 65 के प्रति किसानों में रुझान बढ़ा है. किसान कम लागत, कम उर्वरक और कम पानी से पैदा होने वाले मोटे अनाज की खेती से किसान मोटा मुनाफा कमा रहें हैं. जिले के सदर ब्लाक के गाँव गौरा के निवासी नेशनल अवार्डी किसान राम मूर्ति मिश्र नें महज 12 हजार रूपये की लागत से मडुआ और सांवा की खेती कर करीब 78 हजार रूपये की आमदनी प्राप्त की है. राम मूर्ति मिश्रा द्वारा की जा रही मोटे अनाज की खेती पूरे इलाके में किसानों को आकर्षित करने में कामयाब रही हैं.

*कृषि विभाग नें मुफ्त में मुहैया कराया था बीज*

प्रगतिशील किसान राम मूर्ति मिश्र नें बताया की उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि महकमें की तरफ से मुफ्त में सांवा और रागी यानी मडुआ का बीज उपलब्ध कराया था जिसे उन्हीने करीब 3 एकड़ खेत में बुआई की थी इससे उन्हें करीब 20 क्विंटल उपज प्राप्त हुई थी.

उन्होंने बताया की मोटे अनाज की खेती में उन्हें एक बार भी सिंचाई  नहीं करना पडा और न ही उन्होंने फसल में किसी तरह के खाद उर्वरक का प्रयोग किया था. उन्होंने बताया की मोटे अनाज की फसल में किसी तरह का कीट और बिमारियों का प्रकोप नहीं होता है इससे जुताई और श्रम को छोड़ दिया तो लागत न के बराबर आती है ऐसे में किसान को कम पूंजी में अधिक मुनाफा प्राप्त होता है.

*कृषि मंत्री ने किया प्रोत्साहित*

राम मूर्ति मिश्र नें बताया की सूबे के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के प्रोत्साहन से प्रेरित होकर मोटे आनाज की पहली बार खेती की थी. इसके पहले वह खरीफ सीजन में केवल सुगन्धित धान कालानमक और बासमती की खेती करते थे. जिसमें खाद उर्वरक के साथ ही श्रम पर अधिक लागत आती है. इससे मुनाफा कम मिलता है उन्होंने बताया की धान की खेती में अधिक पानी की जरुरत होती है जबकि मोटे अनाजों को सूखे की दशा में भी आसानी से उगाया जा सकता सकता.

राम मूर्ति मिश्र नें बताया की पिछले कुछ वर्षोंसे कम बारिश हो रही है. जिसके चलते किसानों के लिए मोटे आनाज की खेती काफी फायदेमंद हो सकती है.

*सेहत के लिए लाभदायक है मोटा अनाज*

किसान राम मूर्ति मिश्र ने बताया कि मोटे अनाज का सेवन करना शरीर के लिए फायदेमंद है. यह बुढ़ापे के लक्षण को कम करता है. डायबिटीज सहित कई बीमारियों के खतरे को कम करता है. यह अनाज लौह और सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर होता है, इसलिए शरीर में यह खून की कमी व कुपोषण को दूर करने में सहायता करता है.

वहीं ज्वार शरीर की हड्‌डियों के लिए अच्छी मात्रा में कैल्शियम, खून के लिए फॉलिक एसिड के अलावा कई अन्य पोषक तत्व प्रदान करता है. इसी तरह से रागी एकमात्र ऐसा मोटा अनाज है जिसमें कैल्शियम की मात्रा भरपूर पाई जाती है.

*आकर्षक मटके वाली पैकिंग*

राम मूर्ति मिश्र मोटे सांवा और मडुआ के चावल को पारंपरिक रूप से खुबसुरत मटकों में पैक कर बेंचते हैं. जो देखने में काफी आकर्षक होने के साथ ही उसके मूल गुणों को बनाये रखने में भी काफी कारगर है. मोटेराम मूर्ति मिश्र द्वारा मटके में की जा रही मोटे अनाजों की पैकिंग की काफी मांग बनी हुई है. उन्होंने इस साल जितना मोटा अनाज पैदा किया था, उसे बेंच कर उन्होंने करीब 78 हजार रूपये की आमदनी प्राप्त की.

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