गौरक्षा सम्मेलन का आयोजन देवयज्ञ द्वारा किया गया

बस्ती 26दिसम्बर। श्री गौशाला कठार जंगल बस्ती में मार्गशीर्ष पूर्णिमा के अवसर पर गौरक्षा सम्मेलन का आयोजन देवयज्ञ द्वारा किया गया। गौसंवर्द्धन हेतु वेद मंत्रों से आहुतियाॅ दी गयी। यज्ञोपरांत रवि प्रकाश मिश्र द्वारा विधि विधान से गौपूजन किया गया। गौग्रास खिलाते हुए कहा कि हम सबको गौमाता की सेवा तन मन धन से करनी चाहिए तभी हम खुशहाल होंगे। गाय के बचने से ही गाॅव व कृषि बच सकेगी। यज्ञाचार्य गरुण ध्वज पाण्डेय ने कहा कि देशी प्रजाति की गाय हमारे जीवन का आधार है। वर्तमान में देशी प्रजाति पर पूरे विश्व में शोध चल रहा है। कुछ राज्यों में इसके पालन व संवर्द्धन के लिए सरकार भी कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवा रही है। गौसेवा से ही महाराज दिलीप को पुत्र रत्न प्राप्त हुआ था। गौसेवा से व्यक्ति निर्वैर हो जाता है जिससे आपसी भाईचारा भी बढ़ता है। किसानों को विभिन्न प्रकार के कृषि उपयोग बताते हुए कहा कि गोमूत्र दूध से ढाई गुना मॅहगा है पर इसकी उपयोगिता की जानकारी न होने से हमारे किसान भाई गोवंश को अनुपयोगी समझकर बेंच दे रहे हैं जबकि केवल गोबर गोमूत्र देने वाले गोवंश कम उपयोगी नहीं हैं। भारत स्वाभिमान समिति के कोषाध्यक्ष नवल किशोर चौधरी ने कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान है हमारे पूर्वजों ने इसका आधार गाय को मानते हुए विभिन्न प्रकार के त्यौहार जैसे गोपाष्टमी, गोवर्द्धन पूजा आदि बनाकर उसकी रक्षा एवं संवर्द्धन में लीन रहते थे पर कुछ दशक पहले विदेशी षडयन्त्रों के तहत इसे अनुपयोगी सिद्ध कर दिया गया। वास्तव में गाय हमारा पालन ही नहीं करती बल्कि हमें रोगमुक्त व समृद्ध भी बनाती है। इस कार्यक्रम में रविकुमार मिश्र मुख्य यजमान रहे। कार्यक्रम का संचालन करते हुए न्यासी चंद्रशेखर मिश्र ने बताया कि गोघृत जलाने से निकलने वाली गैसे अशुद्ध वायु को अपनी ओर खींचकर शुद्ध करती है तथा इसका गोबर और गोमूत्र रासायनिक खादों का बेहतर विकल्प है इसका उपयोग करके अधिकाधिक उत्पादन भी किया जा सकता है तथा रोगमुक्त अन्न प्राप्त किया जा सकता है। इस अवसर पर सुभाष चन्द्र मिश्र, राधेश्याम मिश्रा, जगदीश मिश्रा, राम धीरज, प्रमोद कुमार, राम शंकर, चौथी, अनिल कुमार दुबे आदि ने अपने विचार व्यक्त किये।

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