अयोध्या में आधुनिक यूरोलॉजी एवं गायनेकोलॉजी केयर सेंटर का शुभारंभ, महिलाओं को मिलेंगी उन्नत उपचार सुविधाएं

 

दूरबीन विधि से इलाज, हिस्टेरोस्कोपी और पेशाब संबंधी समस्याओं के उपचार पर रहेगा विशेष जोर

अयोध्या, 26 अक्टूबर। रामनगरी अयोध्या में स्वास्थ्य सुविधाओं को विस्तार देते हुए सोमवार को रिकाबगंज स्थित महिला अस्पताल रोड पर Urology & Gynaecology Care Centre का उद्घाटन किया गया। इस सेंटर के शुरू होने से महिलाओं से जुड़ी विभिन्न बीमारियों और यूरोलॉजी संबंधी समस्याओं के उपचार के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की गई है। सेंटर का संचालन स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवांगी मिश्रा और यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अनुराग मिश्रा द्वारा किया जाएगा।

उद्घाटन के अवसर पर डॉ. शिवांगी मिश्रा ने बताया कि वह एमबीबीएस, एमएस (ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी) के साथ एफएमएएस, जर्मनी से गायनेकोलॉजिकल एंडोस्कोपी में डिप्लोमा, फ्रांस से एडवांस्ड लैप्रोस्कोपी में डिप्लोमा और यूरोगायनेकोलॉजी में पीडीसीसी कर चुकी हैं। उन्होंने इनफर्टिलिटी के उपचार का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। अयोध्या उनका ससुराल है और इसी जुड़ाव के चलते उन्होंने यहां आकर महिलाओं को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया।

डॉ. शिवांगी मिश्रा ने बताया कि सेंटर में दूरबीन विधि से स्त्री रोगों के उपचार पर विशेष जोर रहेगा। उन्होंने कहा कि बच्चेदानी निकालने की सर्जरी यानी हिस्टेरेक्टॉमी के कई मामलों में लैप्रोस्कोपिक तकनीक उपयोगी हो सकती है। उपयुक्त मरीजों में इस विधि से कम चीरे के साथ ऑपरेशन किया जा सकता है और रिकवरी भी अपेक्षाकृत जल्दी हो सकती है। हालांकि, उपचार की विधि मरीज की बीमारी और चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार तय की जाती है।

उन्होंने हिस्टेरोस्कोपी को भी सेंटर की प्रमुख सुविधाओं में शामिल बताया। इस प्रक्रिया में दूरबीन की सहायता से बच्चेदानी के अंदर की स्थिति देखी जाती है, जिससे अंदरूनी समस्याओं की पहचान करने में मदद मिलती है। डॉ. मिश्रा के अनुसार, चयनित मामलों में यह जांच ओपीडी में ही की जा सकती है।

महिलाओं को झिझक छोड़कर इलाज कराने की अपील

डॉ. शिवांगी मिश्रा ने कहा कि महिलाओं को पेशाब के दौरान परेशानी, छींकने या खांसने पर पेशाब का रिसाव और बच्चेदानी के नीचे खिसकने जैसी समस्याओं को छिपाना नहीं चाहिए। यूरोगायनेकोलॉजी के अंतर्गत ऐसी समस्याओं के लिए दवाओं से लेकर सर्जरी तक के विकल्प उपलब्ध हैं। कुछ उपयुक्त मामलों में बच्चेदानी को निकाले बिना भी उसका उपचार संभव है।

उन्होंने कहा कि मरीज को अपने उपचार की प्रक्रिया और विकल्पों की पूरी जानकारी मिलनी चाहिए। सेंटर का उद्देश्य महिलाओं को जागरूक करना और उनकी समस्याओं का उचित उपचार उपलब्ध कराना है।

यह सेंटर 9/3/202, ग्राउंड फ्लोर, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के समीप, महिला अस्पताल रोड, रिकाबगंज, अयोध्या में स्थित है। सेंटर के शुभारंभ से स्थानीय लोगों को स्त्री रोग एवं यूरोलॉजी संबंधी परामर्श और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल की गई है।