लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के संबंध में की गई कथित अभद्र टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले राजनीतिक दलों के नेताओं से मर्यादा, संयम और शालीनता की अपेक्षा की जाती है। प्रधानमंत्री के परिवार को निशाना बनाना राजनीतिक विमर्श के गिरते स्तर और कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है।ए.के. शर्मा ने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर कांग्रेस लगातार अपनी मर्यादाएं खोती जा रही है। प्रधानमंत्री के प्रति विरोध जताते हुए उनके परिवार और दिवंगत पिता पर टिप्पणी करना दुर्भाग्यपूर्ण है। स्वस्थ लोकतंत्र में वैचारिक मतभेदों के लिए पर्याप्त स्थान है, लेकिन व्यक्तिगत अपमान और अभद्र भाषा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में माता-पिता, बुजुर्गों और पूजनीय व्यक्तियों का सम्मान करना हमारे संस्कारों का अभिन्न अंग है। राजनीतिक मतभेद कितने भी गहरे क्यों न हों, वे सांस्कृतिक मर्यादाओं से ऊपर नहीं हो सकते। कांग्रेस नेतृत्व को आत्ममंथन करना चाहिए कि उसकी भाषा और व्यवहार भारतीय समाज के मूल्यों से दूर क्यों होते जा रहे हैं।नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कटु टिप्पणियां करती रही है, लेकिन प्रधानमंत्री ने देश की सेवा, जनकल्याण और विकास के प्रति अपने संकल्प को लगातार मजबूत किया है। विरोधियों की आलोचनाओं को भी उन्होंने आगे बढ़ने की प्रेरणा बनाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति प्रधानमंत्री के संकल्प और देश के विकास की गति को प्रभावित नहीं कर पाएगी।शर्मा ने कहा कि भारतीय समाज अहंकार, अपमान और अभद्रता को स्वीकार नहीं करता। हमारी संस्कृति संवाद, सद्भाव, सम्मान और शालीनता की सीख देती है। इन मूल्यों की अनदेखी करने वाले राजनीतिक दलों को जनता के बीच अपनी विश्वसनीयता और स्वीकार्यता पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक जीवन की गरिमा बनाए रखने और वक्तव्यों में संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि देश की जनता विकास, सुशासन और जनकल्याण की राजनीति चाहती है, न कि व्यक्तिगत टिप्पणियां और अपमानजनक बयान। कांग्रेस को राजनीतिक निराशा और कुंठा व्यक्त करने के बजाय सकारात्मक राजनीति का रास्ता अपनाना चाहिए।