खराब प्रदर्शन पर डीएम सख्त, सीएमओ का वेतन रोका, लापरवाह अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण*
*आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में 80 प्रतिशत से कम संतुष्टि पर होगी कार्रवाई, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा का रखें विशेष ध्यान*
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड व विकास कार्यों की समीक्षा में केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकरी योजनाओं के क्रियान्वयन में खराब प्रदर्शन और कार्यों में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर सख्त रुख अपनाया है।
सीएम डैशबोर्ड, विकास कार्यों, सीएमआईएस एवं आईजीआरएस की समीक्षा बैठक में जननी सुरक्षा योजना में खराब प्रगति होने पर सुधार होने तक मुख्य चिकित्साधिकारी,जीएम डीआईसी , डीपीआरओ डीसीएनआरएलएम डीएसटीओ,अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश दिए। वहीं, अन्य विभागों के खराब प्रदर्शन पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए आगामी बैठक तक सुधार लाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान पंचायती राज विभाग के 15वें वित्त में तथा 5वें वित्त, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के पोषण मिशन तथा उद्योग विभाग की ओडीओपी टूल किट और नियोजन विभाग के सीएमआईएस/लोक शिकायत की प्रगति संतोषजनक न होम पर जिलाधिकारी ने सम्बंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए आगामी माह में प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि डीपीआरओ, डीपीओ एवं डीईएसटीओ से स्पष्टीकरण लिया जाए। आईजीआरएस की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में संतुष्टि का स्तर किसी भी दशा में 80 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए। असंतुष्ट शिकायतकर्ताओं के मामलों में अधिकारी मौके पर जाकर जांच करें और शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करें। निर्धारित स्तर से कम संतुष्टि पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
सीएमआईएस की समीक्षा में जिलाधिकारी ने एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं तथा एक करोड़ रुपये से अधिक लागत के निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता की सामग्री तकनीकी एवं प्रशासनिक बाधाओं का तत्काल समाधान कर कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाए। पूर्ण परियोजनाओं को जनोपयोगी बनाने हेतु संबंधित विभागों को शीघ्र हस्तांतरित करने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी घासीराम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।