काशी काव्य गंगा साहित्यिक मंच की 212वीं गोष्ठी धूमधाम से संपन्न, कवियों ने बांधा समां
वाराणसी। काशी काव्य गंगा साहित्यिक मंच, पंजीकृत वाराणसी की 212वीं शनिवारीय साहित्यिक गोष्ठी शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को हर्षोल्लास एवं साहित्यिक वातावरण में संपन्न हुई। गोष्ठी में उपस्थित कवियों और शायरों ने अपनी गीत, गजल एवं हास्य-व्यंग्य की रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता चुनार से पधारे वरिष्ठ साहित्यकार अशोक प्रियदर्शी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में शैलेंद्र अमबष्ट तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में दीपक दबंग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संस्था के उपाध्यक्ष नाथ सोनाँचली ने किया। गोष्ठी का शुभारंभ डॉ. छोटे लाल मनमीत द्वारा मां सरस्वती की वंदना से हुआ।
गोष्ठी में हास्य-व्यंग्य कवि भुलक्कड़ बनारसी, जयप्रकाश मिश्र धानापुर, अशोक प्रियदर्शी, शैलेंद्र अमबष्ट, दीपक दबंग, आशिक बनारसी, प्रदीप कुमार, उमेश सिंह, गणेश सिंह प्रहरी, वाहिद इकबाल लोहतवी, डॉ. छोटे लाल मनमीत, विजय चंद्र त्रिपाठी, टीकाराम आचार्य, रामजतन पाल सज्जन, जमाल बनारसी, विमल बिहारी, मुनीन्द्र श्रीवास्तव फुर्तीला, सत्यनारायण सहित अनेक रचनाकार उपस्थित रहे।
सभी रचनाकारों ने अपनी मौलिक एवं भावपूर्ण रचनाओं का काव्य पाठ किया। गीतों, गजलों और हास्य-व्यंग्य की प्रस्तुतियों ने गोष्ठी को जीवंत बना दिया। उपस्थित साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक सरोकारों, मानवीय संवेदनाओं और साहित्यिक अभिव्यक्ति के विविध रंग प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के अंत में संस्था के अध्यक्ष भुलक्कड़ बनारसी ने सभी अतिथियों, कवियों, शायरों एवं उपस्थित साहित्यप्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके पश्चात अल्पाहार के साथ गोष्ठी का समापन हुआ।
भुलक्कड़ बनारसी
अध्यक्ष, काशी काव्य गंगा साहित्यिक मंच (पंजीकृत), वाराणसी