शिक्षकों ने पदोन्नति, ब्रिज कोर्स की समस्या को लेकर सौंपा ज्ञापन
-पदोन्नति में देरी से शिक्षकों में निराशा- बालकृष्ण ओझा
लवकुश सिंह संवाददाता
अनुराग लक्ष्य न्यूज बस्ती
बस्ती। परिषदीय विद्यालयों में करीब एक दशक से पदोन्नति की राह देख रहे शिक्षकों का इंतजार अब लंबा होता जा रहा है। विद्यालयों में प्रधानाध्यापक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षकों के पद रिक्त होने के बावजूद पदोन्नति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इसको लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शासन से तत्काल पदोन्नति प्रक्रिया शुरू कराने की मांग उठाई है। संघ ने पदोन्नति के साथ ही 69000 शिक्षक भर्ती के शिक्षकों के ब्रिज कोर्स में 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग भी उठाई है। इस संबंध में शिक्षकों ने जिला मंत्री बालकृष्ण ओझा के नेतृत्व में सोमवार को मुख्यमंत्री और बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंपा।
जिला मंत्री बालकृष्ण ओझा ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है। करीब दस वर्षों से पात्र शिक्षक पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। दूसरी ओर बड़ी संख्या में विद्यालयों में प्रधानाध्यापक और उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इससे विद्यालयी व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पदोन्नति न होने से शिक्षकों में निराशा है। संघ ने रिक्त पदों का विवरण लेकर पात्र शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की मांग की है। विद्यालयों में प्रधानाध्यापक और उच्च प्राथमिक स्तर के पद रिक्त हैं, ऐसे में पात्र शिक्षकों की पदोन्नति कर इन पदों को भरा जाना चाहिए। शासन को इस मामले में शीघ्र निर्णय लेकर शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ देना चाहिए। जिला कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुधीर तिवारी और जिला उपाध्यक्ष रवीश कुमार मिश्र ने कहा कि 69000 शिक्षक भर्ती के तहत वर्ष 2020-22 में नियुक्त शिक्षकों को ब्रिज कोर्स के लिए विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि इन शिक्षकों के लिए निर्धारित छह माह का ब्रिज कोर्स समय से नहीं कराया गया। अब ब्रिज कोर्स के स्थान पर लिखित परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों में असंतोष है। कहा कि नियुक्ति के समय ब्रिज कोर्स का प्रावधान था, जबकि न्यूनतम अंक के आधार पर परीक्षा उत्तीर्ण करने की शर्त का उल्लेख नहीं था। वर्षों से विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों के लिए बाद में इस प्रकार की अनिवार्यता जोड़ने पर शिक्षकों को आपत्ति है। संघ ने मांग किया कि 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता समाप्त कर शिक्षकों को निर्धारित छह माह का ब्रिज कोर्स ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से पूरा कराया जाए। साथ ही करीब दस वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर पात्र शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ दिया जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से जिला संयुक्त मंत्री प्रवीण श्रीवास्तव और सुरेश गौंड, सनद पटेल, हरेन्द्र यादव, संजीव सिंह, उत्तम दूबे, संतोष पाण्डेय, वीरेन्द्र शुक्ल, बृजेश त्रिपाठी, वीरेन्द्र, रवि प्रकाश, विनय पाण्डेय, शिवराम यादव, लवकुश, विनय चौधरी, सुग्रीव कुमार, प्रशान्त प्रियदर्शी, बच्चाराम, सुशील गहलोत, संजय यादव, रविन्द्र कुमार, आदित्य कुमार, विजय प्रताप, बलजीत वर्मा, संजय गौतम, कृष्ण गोपाल, आलोक रंजन, शिवकुमार, राजमणि, खघ्ुर्शीद अहमद, अवनीश पाल, मो. अमीन, बाबू नंदन, राजकुमार, सरिता, प्रमोद यादव, सूर्यकांत, श्रवण कुमार, शैलेन्द्र, सौरभ, अजीत वर्मा, भागीरथी यादव, सन्तोष कुमार, रवि प्रकाश, नि राज, आशीष पाण्डेय, भृगुवंश मणि यादव, कार्तिकेय सिंह, पंकज, दिवाकर विक्रम सिंह, श्रवण कुमार, अरविंद यादव, दुर्गेश सिंह, हरिश्चन्द्र, मनोज कुमार, रमेश विश्वकर्मा, योगेंद्र प्रसाद, काली प्रसाद, अवनीश, राजमणि प्रदीप कुमार आदि शामिल रहे।