अयोध्या में पर्युषण पर्व (लक्षण पर्व) का भव्य शुभारंभ, स्वर्ण जयंती महोत्सव को लेकर उत्साह चरम पर

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या, उत्तर प्रदेश — जैन धर्म के सबसे पवित्र पर्वों में से एक पर्युषण पर्व (लक्षण पर्व) का पावन शुभारंभ अयोध्या के श्री दिगंबर जैन मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ हुआ है. यह दस दिवसीय महापर्व भादसुद पंचमी से लेकर भादसुद चतुर्दशी तक अत्यंत विधि-विधान और निष्ठा के साथ मनाया जाता है.
इस अवसर पर महाराज श्री ने पावन प्रवचन में बताया कि पर्युषण पर्व के दौरान जैन समाज के बालक-बालिकाएं, महिलाएं और पुरुष सभी वर्ग के लोग व्रत-उपवास एवं संयम का पालन करते हैं. यह दस धर्म उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, सत्य, शौच, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य आत्मा के मूल धर्म माने गए हैं. इन आत्मिक धर्मों की व्याख्या और साधना इन दस दिनों में विशेष रूप से की जाती है।संत महात्मा महाराज के अनुसार ये दस धर्म हमारी आत्मा के वास्तविक स्वभाव हैं. इनका पालन और इनकी आराधना से ही जीवन में परम शांति एवं कर्मों की निर्जरा संभव है। स्वर्ण जयंती के रूप में ऐतिहासिक आयोजन
महाराज श्री ने जानकारी दी कि इस वर्ष का यह आयोजन अत्यंत ऐतिहासिक है. जैन समाज की परम प्रभावक साध्वीरत्न ज्ञानमती माताजी (जिनकी आयु 92 वर्ष है और जिन्हें दीक्षा लिए 74 वर्ष हो चुके हैं) की प्रेरणादायी लेखनी से वर्ष 1976 में रचे गए इंद्रध्वज विधान को 50 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं. इसी उपलक्ष्य में इसे ‘इंद्रध्वज स्वर्ण जयंती महोत्सव’ का नाम दिया गया है.
भव्य पंडाल और अनुष्ठान का स्वरूप आयोजन स्थल पर एक विशाल व भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है, जिसमें कुल 50 मंडलों की स्थापना होगी और एक मुख्य मंडल सजेगा. देश के विभिन्न कोनों से पधारने वाले लगभग 1,800 से अधिक श्रद्धालु इंद्र-इंद्राणी बनकर इस गरिमामयी और वृहद अनुष्ठान में सहभागिता करेंगे. भगवान ऋषभदेव दिगंबर जैन मंदिर में यह अनुष्ठान 15 से 25 तारीख तक चलेगा महत्वपूर्ण तिथियां एवं तथ्य पर्व अवधि भादसुद पंचमी से चतुर्दशी तक (10 दिन निरंतर) मंदिर स्थल भगवान ऋषभदेव दिगंबर जैन मंदिर, अयोध्या विशेष आयोजन इंद्रध्वज स्वर्ण जयंती महोत्सव विशेष पर्व समापन क्षमावाणी पर्व के साथ विसर्जन प्रेरणास्रोत आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी यह दस दिवसीय अनुष्ठान दिनांक 15 से 25 तारीख तक चलेगा और इसका भव्य समापन ‘क्षमावाणी पर्व’ के साथ संपन्न होगा. समिति के सदस्यों ने अयोध्या समेत समस्त देशवासियों से इस ऐतिहासिक स्वर्ण जयंती महोत्सव में सम्मिलित होकर आत्मिक लाभ उठाने की अपील की है।