सात्विक आहार और ईश्वर भक्ति से ही संभव है मन की एकाग्रता

सात्विक आहार और ईश्वर भक्ति से ही संभव है मन की एकाग्रता

 

लवकुश सिंह संवाददाता

अनुराग लक्ष्य न्यूज बस्ती

 

बस्ती । आर्य समाज नई बाजार, बस्ती द्वारा चातुर्मास के अवसर पर चलाए जा रहे वेद प्रचार अभियान के अंतर्गत उमा पब्लिक स्कूल, हरदिया में एक विशेष वैदिक यज्ञ एवं संस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अनूप कुमार मिश्र के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों को वैदिक यज्ञ के साथ-साथ आचार-विचार, आहार-विहार, स्वच्छता और मन को एकाग्र करने के व्यावहारिक उपाय बताए गए।

कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक अनिल कुमार पाण्डेय के साथ विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा छात्र-छात्राओं ने मंत्रोच्चार के साथ वैदिक यज्ञ में आहुतियां प्रदान कीं।

विदुषी रुक्मिणी जोशी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विदुषी रुक्मिणी जोशी ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए ईश्वर की सर्वव्यापकता को महसूस करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए माता-पिता और गुरुओं को बच्चों को प्रकृति के माध्यम से ईश्वर का बोध कराना चाहिए, जिससे वे गलत कार्यों से दूर रह सकें। पक्षियों का कलरव सुनना, बाग-बगीचों, फूल-फल, सूर्य, चंद्रमा और रात्रि के तारों का दर्शन करना मन को शांत और एकाग्र बनाता है। उन्होंने बताया कि सात्विक आहार मन को शुद्ध और एकाग्र करने में सहायक होता है। उनके भजन “संडे हो या मंडे, कभी न खाना अंडे” से प्रेरित होकर बच्चों ने अंडा व मांसाहार पूरी तरह त्यागने का संकल्प लिया।

आचार्य सुरेश जोशी

मुख्य वक्ता आचार्य सुरेश जोशी ने स्वच्छता का महत्व समझाते हुए कहा कि स्वच्छता ही देव है और गंदगी दानव है। स्वच्छ शरीर में ही एकाग्र मस्तिष्क का निवास होता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को अपना शरीर, वस्त्र, अध्ययन सामग्री और अध्ययन कक्ष हमेशा साफ-सुथरा रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि गायत्री मंत्र और ओम के मानसिक जप से मन को आंतरिक रूप से स्वच्छ रखा जा सकता है।

सायंकालीन सभा में तीन अनादि तत्वों के अंतर्गत ईश्वर के स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए आचार्य जोशी ने कहा कि ईश्वर कोई व्यक्ति विशेष न होकर एक सर्वव्यापी शक्ति है। आज लोगों ने ईश्वर को व्यक्ति समझकर उसकी मूर्ति बनाकर मंदिरों तक सीमित कर दिया है, जबकि ईश्वर सर्वव्यापी है और कण-कण में व्याप्त है। ईश्वर की वास्तविक सत्ता को समझकर ही उसकी सच्ची उपासना संभव है।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए आर्य समाज नई बाजार के प्रधान ओम प्रकाश आर्य ने जनमानस का आह्वान किया कि वे गरीब व प्रतिभावान बच्चों की शिक्षा तथा निर्धन बेटियों के विवाह के लिए दान करें, जिससे समाज में शिक्षा और दान की प्रवृत्ति बढ़े। उन्होंने जानकारी दी कि इस वेद प्रचार अभियान की पूर्णाहुति 12 सितंबर को आयोजित होगी।

इस अवसर पर मुख्य रूप से सत्यप्रकाश चतुर्वेदी, कृष्ण कुमार, मनीष कुमार, प्रभाकर चौधरी, अमरेंद्र कुमार, ओंकार प्रजापति, ज्योत्सना श्रीवास्तव, रुहानिका पटेल, गीता राज, पुष्पा चौधरी, काजल चतुर्वेदी, वसुंधरा श्रीवास्तव, उमा दुबे, ओंकार आर्य, रजनी आर्य, रजनी मिश्र, रत्नेश मिश्र सहित कई गणमान्य लोग, शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।