समाजवादी शिक्षक रत्न सम्मान से सम्मानित हुईं विभूतियां
जीवन निर्माण में शिक्षकों का सर्वोच्च स्थान-राजेन्द्र प्रसाद चौधरी
लवकुश सिंह संवाददाता
अनुराग लक्ष्य न्यूज बस्ती
बस्ती। शनिवार को समाजवादी शिक्षक सभा द्वारा प्रेस क्लब सभागार में डा. सुरेन्द्र प्रसाद चौधरी की अध्यक्षता में शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश नेतृत्व के दिशा निर्देश के अनुरूप शिक्षकों को उनके योगदान के लिये समाजवादी शिक्षक रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि विधायक राजेन्द्र प्रसाद चौधरी ने कहा कि व्यक्ति के जीवन में माता-पिता के बाद शिक्षकों का स्थान सर्वोच्च है। समर्थ शिक्षक जीवन को सही दिशा देते हैं।
विधायक कविन्द्र चौधरी ‘अतुल’ पूर्व विधायक राजमणि पाण्डेय, सपा नेता दयाशंकर मिश्र ने सम्मानित किये गये शिक्षकों का उत्साहवर्धन करते हुये कहा कि शिक्षक अनेक समस्याओं से गुजर रहे हैं किन्तु भाजपा की सरकार में शिक्षकों की मागों को लगातार अनसुनी कर रही है। कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों, शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों की समस्याओं का प्रभावी निस्तारण कराये जिससे पूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधा कृष्णन ने शिक्षको के लिये जो भावना व्यक्त किया था वह जमीनी धरातल पर साकार हो। डा. सुरेन्द्र प्रसाद चौधरी ने अतिथियों, शिक्षकों का स्वागत करते हुये बताया कि मनोज कुमार मौर्य, सतिराम निषाद, सन्तोष कुमार प्रजापति, आलोक कन्नौजिया, सूर्य प्रकाश को उनके शैक्षणिक योगदान के लिये समाजवादी शिक्षक रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. घनश्याम लाल श्रीवास्तव, रामचन्द्र यादव को समाजवादी शिक्षक सभा द्वारा सम्मानित कर उत्साहवर्धन किया गया। संचालन महामंत्री श्रीनाथ विश्वकर्मा ने किया।
कार्येक्रम में डा. हरिओम श्रीवास्तव, तफज्जुल हुसेन, जगदम्बा प्रसाद भावुक, प्रवीन गुप्ता, अर्जुन यादव, आर.डी. निषाद, चन्द्रशेखर वर्मा आदि ने शिक्षकों की भूमिका और नयी चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. प्रमोद उपाध्याय, डॉ. अरून मिश्र, बी.एन. तिवारी, पवन चौधरी, रामभवन यादव, दरवेश यादव, हरीराम, हरीश, दिनेश यादव, रामरक्षा वर्मा, रामचन्द्र निषाद, सुभाष चन्द्र चौधरी, प्रदीप चौधरी, रमाकान्त पटेल, अशोक वर्मा, गोपालचन्द्र, वीरेन्द्र कुमार यादव, दीपक कुमार, रमेश कुमार वर्मा, राजवन्त यादव, धीरेन्द्र मोहन गौतम, सुनील मौर्य, विजय बहादुर वर्मा, सुजीत कुमार, राजकुमार यादव, ज्ञानदास चौधरी के साथ ही बड़ी संख्या में शिक्षक और समाजवादी विचारधारा से जुड़े लोग मौजूद रहे।