साइबर ठगी के दो पीड़ितों को मिली बड़ी राहत, पुलिस ने वापस कराए ₹4.31 लाख
एसपी संदीप कुमार मीना के निर्देशन में क्रैक साइबर क्राइम अभियान को मिली सफलता
साइबर सेल की त्वरित पैरवी से रामदरश मौर्या को ₹2.81 लाख और प्रदीप यादव को ₹1.50 लाख वापस
जितेन्द्र पाठक
संतकबीरनगर। साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और ठगी के शिकार लोगों को त्वरित राहत दिलाने के लिए चलाए जा रहे क्रैक साइबर क्राइम अभियान के तहत साइबर सेल/साइबर हेल्प डेस्क थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस टीम ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए दो पीड़ितों की कुल ₹4,31,059 की धनराशि उनके बैंक खातों में वापस करा दी।
पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में की गई कार्रवाई में साइबर हेल्प डेस्क पर तैनात आरक्षी रविकान्त कुशवाहा ने संबंधित बैंकों एवं अन्य माध्यमों से लगातार प्रभावी पैरवी की। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप दोनों पीड़ितों को उनकी ठगी गई धनराशि वापस मिल सकी।
बैंक कर्मचारी बनकर ₹3.40 लाख की ठगी
थाना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के कसैला निवासी रामदरश मौर्या पुत्र विन्ध्याचल ने 18 जुलाई 2026 को साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित के अनुसार साइबर फ्रॉडर ने स्वयं को बैंक कर्मचारी बताते हुए बैंकिंग एप में लॉगिन कराने के नाम पर उन्हें झांसे में लिया और मोबाइल फोन का अनधिकृत उपयोग कर बैंक खाते से धनराशि स्थानांतरित कर ली। इस मामले में कुल ₹3,40,800 की धोखाधड़ी हुई थी। पुलिस की प्रभावी पैरवी से पीड़ित के खाते में ₹2,81,059 वापस करा दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग की मशीन दिलाने के नाम पर ठगी
दूसरे मामले में बन्नोहिया निवासी प्रदीप यादव पुत्र इन्द्रासन ने 25 मार्च 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि अज्ञात साइबर फ्रॉडर ने स्वास्थ्य विभाग से संबंधित मशीन उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनके बैंक खाते से ₹1,50,008.85 की धनराशि ट्रांसफर करा ली थी। साइबर हेल्प डेस्क पर तैनात आरक्षी रविकान्त कुशवाहा ने मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक एवं अन्य माध्यमों से पैरवी की। इसके बाद पीड़ित के बैंक खाते में ₹1,50,000 वापस करा दिए गए।
साइबर ठगी होने पर तत्काल करें शिकायत
पुलिस ने जनमानस से अपील की है कि किसी अनजान कॉल, लिंक, OTP, QR कोड अथवा ब्लैकमेलिंग के झांसे में न आएं। बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति से साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें अथवा cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि सुरक्षित कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।