विमुक्त जाति दिवस पर विद्यार्थियों ने जाना संघर्ष और गौरवशाली इतिहास : प्रमोद वर्मा

विमुक्त जाति दिवस पर विद्यार्थियों ने जाना संघर्ष और गौरवशाली इतिहास : प्रमोद वर्मा

सिद्धार्थनगर . समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय, धनगढ़िया सिद्धार्थनगर में सोमवार को विमुक्त जाति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भगवान बिरसा मुंडा जी को नमन कर उनके संघर्ष और देश के प्रति योगदान को याद किया। इस दौरान विद्यार्थियों को विमुक्त, घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु जातियों के इतिहास, संघर्ष और अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में प्रधानाचार्य श्री प्रमोद कुमार वर्मा, सहायक अध्यापक श्रीमती संजू प्रसाद सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि ब्रिटिश शासन के दौरान वर्ष 1871 में क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट लागू किया गया था। इसके तहत कई जातियों को जन्मजात अपराधी घोषित कर दिया गया था। इन समुदायों ने देश और समाज की रक्षा के लिए मुगलों तथा अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया था।

शिक्षकों ने बताया कि देश की आजादी के बाद भी यह दमनकारी कानून वर्ष 1952 तक लागू रहा। 31 अगस्त 1952 को विमुक्त जातियों को इस अधिनियम से मुक्ति मिली। विद्यार्थियों को बताया गया कि विमुक्त जाति दिवस मनाने का उद्देश्य इन समुदायों के ऐतिहासिक संघर्ष और योगदान को स्मरण करना तथा उनके अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता पैदा करना है।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य श्री प्रमोद कुमार वर्मा ने कहा कि विमुक्त जाति दिवस हमें उन समुदायों के संघर्ष और योगदान को याद करने का अवसर देता है। इसका उद्देश्य विमुक्त, घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु जातियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उनके अधिकारों की जानकारी देना तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों को गति देना है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सामाजिक समरसता, समानता और सभी वर्गों के सम्मान का संदेश दिया।

इस अवसर पर सजीव प्रसारण में समाज कल्याण मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने कहा कि विमुक्त, घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु समुदायों का इतिहास संघर्ष, साहस और राष्ट्रसेवा से जुड़ा है। विमुक्त जाति दिवस के माध्यम से उनके गौरवशाली योगदान को याद करने के साथ समाज में उनके अधिकारों और सम्मान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार इन समुदायों को शिक्षा, अवसर और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।