🔸 गोरक्ष प्रान्त की उपलब्धियों की दी जानकारी
🔸 संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का 650वाँ जयंती वर्ष, वन्दे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ और विद्या भारती के 75 वर्ष पूर्ण होने पर अमृत महोत्सव की बनेगी व्यापक कार्ययोजना
बस्ती। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान भारतीय संस्कृति, संस्कार, राष्ट्रीयता एवं आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के समन्वय से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शिक्षा को केवल परीक्षा एवं रोजगार तक सीमित न रखते हुए उसे संस्कार, चरित्र निर्माण, सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति एवं राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाया गया है। उक्त बातें विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय जी ने सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रामबाग-बस्ती में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही।
उन्होंने विद्या भारती के शैक्षिक कार्यों, गोरक्ष प्रान्त की उपलब्धियों तथा आगामी कार्यक्रमों की कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें चरित्रवान, राष्ट्रभक्त एवं जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
डॉ. मालवीय ने कहा कि आधुनिक तकनीक एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के युग में शिक्षा में नैतिकता और मानवीय संवेदनाएं बनाए रखना आवश्यक है। इसी दिशा में विद्यालयों में आधुनिक तकनीक, डिजिटल शिक्षा, अटल टिंकरिंग लैब, रोबोटिक्स और कोडिंग जैसी गतिविधियों को जोड़ा जा रहा है। गोरक्ष प्रान्त के पूर्व छात्र आज प्रशासनिक सेवा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, आईटी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में राष्ट्र सेवा कर रहे हैं।
आगामी प्रमुख राष्ट्रीय एवं सामाजिक कार्यक्रम
संत रविदास जी का 650वाँ जयंती वर्ष: वर्षभर व्याख्यान, विचार गोष्ठियां, निबंध, चित्रकला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उनके जीवन, दर्शन, सामाजिक समरसता और समानता के संदेश को विद्यार्थियों व समाज तक पहुँचाया जाएगा।
वन्दे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ: सामूहिक वन्दे मातरम् गान, गायन व पेंटिंग प्रतियोगिताएं तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित कर राष्ट्रीय चेतना व देशभक्ति का भाव जागृत किया जाएगा।
विद्या भारती अमृत महोत्सव (2027): वर्ष 2027 में स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण होने पर ‘अमृत महोत्सव’ का व्यापक आयोजन होगा। इसके तहत विद्या भारती की 75 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में योगदान को समाज के सामने रखा जाएगा।
पंच परिवर्तन एवं भारतीय जीवन-मूल्य
डॉ. मालवीय ने बताया कि विद्या भारती के कार्यों में सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य बोध एवं स्वबोध जैसे ‘पंच परिवर्तन’ महत्वपूर्ण हैं। विद्यार्थियों को स्वच्छता, पर्यावरण सुरक्षा और भारतीय संस्कृति व ज्ञान परंपरा से जोड़ते हुए वैश्विक चुनौतियों का सामना करने योग्य बनाया जा रहा है।
पत्रकार वार्ता से पूर्व विद्या भारती गोरक्ष प्रान्त द्वारा विषय संयोजक एवं प्रान्त प्रमुख (आयाम) बैठक का आयोजन दीप प्रज्वलन एवं वंदना के साथ हुआ। बैठक में क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय जी एवं शिशु शिक्षा समिति, गोरक्ष प्रान्त के प्रदेश निरीक्षक श्री राम सिंह जी की उपस्थिति रही। अतिथियों का परिचय प्रधानाचार्य श्री गोविन्द सिंह जी ने कराया।
बैठक में विभिन्न आयामों के प्रमुखों के साथ विभागीय कार्यों, आगामी कार्यक्रमों, प्रचार-प्रसार की रणनीति और पंच परिवर्तन के प्रभावी क्रियान्वयन पर गहन विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन संभाग निरीक्षक श्री अजय कुमार दूबे जी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर गोरक्ष प्रान्त के प्रदेश निरीक्षक श्री राम सिंह, संभाग निरीक्षक श्री अजय कुमार दूबे, श्री कन्हैया चौबे, प्रधानाचार्य श्री गोविन्द सिंह, प्रचार संयोजक श्री अंकित कुमार गुप्ता, सोशल मीडिया प्रमुख श्री नरेन्द्र चन्द्र कौशिक, श्री प्रेम शरण मिश्र सहित विभिन्न आयामों के प्रमुख बंधु-भगिनी उपस्थित रहे।