साइबर थाना बस्ती की प्रभावी कार्रवाई, दो पीड़ितों की ₹8,690 की ठगी धनराशि वापस

साइबर थाना बस्ती की प्रभावी कार्रवाई, दो पीड़ितों की ₹8,690 की ठगी धनराशि वापस

 

अनुराग लक्ष्य न्यूज

 

बस्ती। साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना बस्ती ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग दो साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों की पूरी धनराशि वापस कराने में सफलता हासिल की है। पुलिस की कार्रवाई से दोनों पीड़ितों को कुल ₹8,690 की धनराशि वापस प्राप्त हुई।

पुलिस अधीक्षक बस्ती डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन में साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में साइबर क्राइम थाना बस्ती द्वारा प्राप्त प्रार्थना पत्रों की जांच की जा रही थी। प्रभारी निरीक्षक विनय नारायण मिश्रा के नेतृत्व में जांचकर्ता द्वारा तत्काल साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए ठगों के बैंक खातों एवं UPI-ID का पता लगाया गया।

पुलिस टीम ने संबंधित बैंकों से पत्राचार कर ठगी की धनराशि को समय रहते होल्ड/फ्रीज कराया। इसके बाद बैंक अधिकारियों और साइबर थाना टीम के बीच लगातार समन्वय एवं फॉलोअप किया गया। प्रभावी कार्रवाई के परिणामस्वरूप अलग-अलग दो प्रार्थना पत्रों से संबंधित मामलों में ठगी की संपूर्ण धनराशि ₹4,370 और ₹4,320, यानी कुल ₹8,690, पीड़ितों के बैंक खातों में वापस करा दी गई।

धनराशि वापस मिलने पर पीड़ितों ने बस्ती पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। पुलिस की तत्परता से एक बार फिर यह संदेश गया है कि साइबर ठगी होने के बाद घबराने के बजाय तत्काल शिकायत दर्ज कराने से ठगी की रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

पुलिस अधीक्षक की अपील

पुलिस अधीक्षक बस्ती डॉ. यशवीर सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं और तत्काल 1930 पर कॉल करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड होने के बाद भी समय रहते शिकायत किए जाने पर धनराशि को होल्ड कराकर वापस कराया जा सकता है।

उन्होंने नागरिकों को सावधान करते हुए कहा कि किसी भी अंजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम/डेबिट कार्ड संबंधी विवरण या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्कता ही सबसे प्रभावी उपाय है।