रोडवेज परिचालक की दबंगईवरिष्ठ पत्रकार से बोले बिगडे बोल – ‘मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता’
यात्री को छोड़कर भागी उ प राज्य परिवहन निगम की बस,
बड़हलगंज (गोरखपुर)। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम उ प राज्य परिवहन निगम के कर्मचारियों की मनमानी और बेपरवाही का एक नया मामला सामने आया है। आजमगढ़ से गोरखपुर आ रही बस्ती डिपो की एक बस के परिचालक ने यात्री को स्टैंड पर ही छोड़ दिया और निर्धारित समय से पहले ही बस लेकर रवाना हो गई। पीड़ित यात्री को अपने जरूरी सामान और दस्तावेज वापस पाने के लिए 30 किलोमीटर तक बस का पीछा करना पड़ा।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
समय और स्थान: 21 अगस्त की दोपहर करीब 1:00 बजे आजमगढ़ से गोरखपुर के लिए निकली बस्ती डिपो की बस (संख्या: यूपी 78 जे टी 4976 दोपहर 2:45 बजे बड़हलगंज पहुंची।
5 मिनट का वादा, 3 मिनट में रवानगी: बस में करीब 15-20 यात्री सवार थे। परिचालक ने 5 मिनट बस रोकने की बात कही। इसी दौरान यात्री निहाल सिंह (पत्रकार) सड़क पार सामान लेने गए, लेकिन बस चालक-परिचालक महज 3 मिनट में ही बस लेकर आगे निकल गए।
सामान और दस्तावेज बस में ही छूटे: यात्री का जरूरी सामान और महत्वपूर्ण दस्तावेज बस में ही रह गए थे, जिसके कारण उन्हें तुरंत दूसरे वाहन से बस का पीछा करना पड़ा।
30 कीलोमीटर पीछा कर पकड़ा: लगभग 30 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद यात्री ने बस को पकड़ा और अपनी शिकायत दर्ज करानी चाही।
‘मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता’ —
परिचालक की दबंगई
बस पकड़े जाने पर जब पीड़ित ने परिचालक से इस लापरवाही की बात की, तो परिचालक ने अपनी गलती मानने के बजाय सारा दोष यात्री पर मढ़ दिया। जब यात्री ने उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही, तो परिचालक ने बेफिक्र अंदाज में जवाब दिया कि “मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।”
अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल
घटना के बाद पीड़ित यात्री ने मामले की शिकायत दर्ज कराने के लिए उ प राज्य परिवहन निगम के संबंधित रीजनल मैनेजर से लगभग चार बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं मिला। अधिकारियों की इस अनदेखी और कर्मचारियों के इस रवैये से परिवहन निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उधर पत्रकार सुरक्षा परिषद के प्रदेश प्रवक्ता संजय भैया ने अधिकारियों से इस तरह के गैर कानूनी व्यवहार पर विभाग को बिना शर्त माफी मांगने को कहा है, उन्होंने कहा कि एक शिष्टमण्डल अतिशीघ्र धटनाक्रम की जानकारी परिवहन मंत्री को देगा तथा उच्च अधिकारियो से मुलाक़ात किया जाएगा.