चौकड़ी टोल प्लाजा पर सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में टूटे बोर्ड और झाड़ियों में छिपे संकेतक दे रहे हादसे को न्योता
शक्ति शरण उपाध्याय
बस्ती। नेशनल हाईवे स्थित चौकड़ी टोल प्लाजा की बदहाल सुरक्षा व्यवस्था अब यात्रियों के लिए गंभीर खतरा बनती नजर आ रही है। टोल प्लाजा से पहले वाहन चालकों को सावधान करने और सही लेन की जानकारी देने के लिए लगाए गए कई दिशा सूचक व चेतावनी बोर्ड टूटकर क्षतिग्रस्त पड़े हैं। वहीं कई महत्वपूर्ण संकेतक झाड़ियों के बीच इस कदर छिप गए हैं कि वाहन चालक उन्हें समय रहते देख ही नहीं पाते। हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों के लिए यह लापरवाही कभी भी भारी पड़ सकती है। पर्याप्त दूरी से टोल प्लाजा की स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने के कारण चालक अचानक टोल के सामने पहुंच सकते हैं। ऐसी स्थिति में अचानक ब्रेक लगाने लेन बदलने या वाहन को नियंत्रित करने के प्रयास में टक्कर और बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। सवाल यह है कि जब हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तो सुरक्षा संकेतकों की यह दुर्दशा आखिर किसकी जिम्मेदारी है बैरियर की घटना के बाद भी नहीं चेते जिम्मेदार
चौकड़ी टोल प्लाजा पर हाल में बैरियर गिरने से अधिकारी की गाड़ी का शीशा टूटने की घटना भी सामने आ चुकी है। इस घटना के बावजूद टोल परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा। टूटे बोर्ड और झाड़ियों में दबे संकेतक व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।टोल वसूली पर जोर सुरक्षा व्यवस्था पर क्यों नहीं टोल प्लाजा से गुजरने वाले यात्रियों का कहना है कि वाहन चालकों से टोल शुल्क की वसूली में कोई लापरवाही नहीं बरती जाती लेकिन यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही से जुड़े जरूरी इंतजामों की नियमित निगरानी क्यों नहीं हो रही यह बड़ा सवाल है। यदि संकेतक ही दिखाई नहीं देंगे तो वाहन चालकों को समय रहते सावधान कैसे किया जाएगा इस विषय में
टोल प्लाजा मैनेजर का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर कई बार फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ऐसे में टोल प्रबंधन की ओर से इस गंभीर मुद्दे पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आ सकी। बड़ा सवाल हादसे के बाद जागेंगे जिम्मेदार
चौकड़ी टोल प्लाजा की तस्वीरें और मौके की स्थिति जिम्मेदारों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद टूटेगी यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों से तत्काल निरीक्षण कर टूटे और क्षतिग्रस्त बोर्डों को दुरुस्त कराने झाड़ियों की सफाई कराने तथा पर्याप्त दूरी पर बड़े स्पष्ट और रात में दिखाई देने वाले चेतावनी संकेतक लगाने की मांग लोग उठा रहे हैं।