लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के लगभग 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के मार्जिन मनी में वृद्धि की गई है। अब उचित दर विक्रेताओं को 90 रुपये के स्थान पर 125 रुपये प्रति क्विंटल लाभांश मिलेगा। उन्होंने कहा कि उचित दर विक्रेता शासन और जनता के बीच महत्वपूर्ण सेतु हैं और सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।मुख्यमंत्री लोक भवन में उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में वृद्धि के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के अंतर्गत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने पहली बार उचित दर विक्रेताओं के मार्जिन मनी में 30 प्रतिशत की वृद्धि की है। पहले 70 रुपये प्रति क्विंटल मिलने वाला लाभांश बढ़ाकर 90 रुपये किया गया था। अब केंद्र सरकार ने इसमें 10 रुपये और प्रदेश सरकार ने 25 रुपये की वृद्धि की है। इस प्रकार कुल 35 रुपये की वृद्धि के बाद उचित दर विक्रेताओं को 125 रुपये प्रति क्विंटल लाभांश मिलेगा। प्रदेश सरकार ने केंद्र से इसमें 25 रुपये और वृद्धि करने का अनुरोध भी किया है।उन्होंने बताया कि सामान्यतः एक उचित दर विक्रेता को लगभग 100 क्विंटल राशन का आवंटन होता है। पहले 90 रुपये प्रति क्विंटल की दर से लगभग 12,750 रुपये प्रतिमाह आय होती थी। अब 125 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 100 क्विंटल राशन वितरण पर लगभग 16,250 रुपये प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त दुकान पर अन्य सामान की बिक्री से होने वाला लाभ अलग होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उचित दर विक्रेताओं के प्रति लोगों में अविश्वास की स्थिति थी। व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी का खामियाजा उचित दर विक्रेताओं को भुगतना पड़ता था। वर्ष 2017 के बाद ई-पॉस मशीनों की व्यवस्था और एफसीआई के गोदाम से उचित दर की दुकानों तक सिंगल डोर-स्टेप डिलीवरी शुरू की गई। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता आई।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उचित दर की दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए इस वर्ष 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। अन्नपूर्णा भवन में दुकान के साथ भंडारण की सुविधा भी होगी। उचित दर विक्रेता अब राशन के अलावा कपड़े, साबुन, टूथपेस्ट, तेल सहित 39 प्रकार के सामान बेच सकते हैं। उन्होंने स्थानीय उत्पादों और ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ के सामान को भी अन्नपूर्णा भवनों में रखने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 15 करोड़ लोग प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से निःशुल्क राशन का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। निराश्रित और दिव्यांगजन, जो उचित दर की दुकान तक नहीं पहुंच सकते, उनके राशन को घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में दो करोड़ परिवारों को निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन तथा 1.53 करोड़ परिवारों को निःशुल्क बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। करीब 10 हजार राशन की दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया जा चुका है।उन्होंने कहा कि खाद्य एवं रसद विभाग में व्यापक सुधार किए गए हैं। वर्ष 2017 से पहले जनता दर्शन में राशन वितरण से जुड़ी बड़ी संख्या में शिकायतें आती थीं, लेकिन अब ऐसी शिकायतों में उल्लेखनीय कमी आई है। कोरोना काल में भी उचित दर विक्रेताओं ने जरूरतमंदों तक राशन, दाल, नमक और तेल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।मुख्यमंत्री ने किसानों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर किसानों से सीधे खाद्यान्न खरीद की व्यवस्था लागू की है। धान, गेहूं, दलहन, तिलहन और मोटे अनाज सहित विभिन्न फसलों की खरीद सीधे किसानों से की जा रही है तथा डीबीटी के माध्यम से भुगतान उनके खातों में भेजा जा रहा है।उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया गया है। विद्यालयों में अलग-अलग शौचालय, पेयजल, स्मार्ट कक्षाएं, फर्नीचर और डिजिटल पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। करीब 1.60 करोड़ बच्चों को बैग, पाठ्य-पुस्तकें, वर्दी, जूते-मोजे और स्वेटर सहित विभिन्न सुविधाएं दी जा रही हैं।कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पाण्डेय तथा राज्य मंत्री सतीश चन्द्र शर्मा ने भी संबोधित किया। उचित दर विक्रेताओं के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने लाभांश वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद पत्र सौंपा। कार्यक्रम में खाद्य एवं रसद विभाग की योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।