*आयुर्वेद अपनाओ!* आचार्य सुरेश जोशी

🕉️*ओ३म्*🕉️
*आयुर्वेद अपनाओ!*
आर्यावर्त साधना सदन पटेल नगर दशहराबाग बाराबंकी में एक माह का *श्रावणी वेद-महोत्सव कार्यक्रम* चल रहा है।आज *वेद-प्रवचन की १४ वी श्रृंखला पर आयुर्वेद अपनाओ!* इस विषय पर व्याख्यान था।आचार्य श्री ने बताया कि जिस ज्ञान को प्राप्त कर व्यवहार में लाने से आयु की वृद्धि व आरोग्यता प्राप्त होती है उसका नाम है *आयुर्वेद*।आयुर्वेद के आचार्यों ने कहा है!
*पथ्यासी व्यायामी स्त्रीषु जितात्मा नरो न रोगी स्यात!* अर्थात् जो व्यक्ति पथ्य से खाता है।यानि संयमित होकर खाता है।नित्य व्यायाम करता है।स्त्रियों के संबंध में जीतेंद्रिय है और इंद्रिय, मन, बुद्धि को अपने वश में रखता है वो कभी भी बीमार नहीं होता।उसे केवल एक मृत्यु रुपी अनिवार्य ही बीमारी आती है अन्यथा वो स्वस्थ रहता है!
इसी क्रम में आचार्य श्री ने *आंग्ल पैथी की लाचारी* का वर्णन करते हुए बताया कि आंग्ल(अंग्रेजी) पैथी में केवल तीन ही उपचार है।
*[१]* जब आप की बीमारी जन्म लेती है तो आपको अंग्रेजी डाक्टर *गोली देता है*।कुछ दिन आप गोली पर चलते हैं।जब आप गोली खाकर ऊब जाते हैं तब डाक्टर आपको *इंजक्शन लगता है।* कुछ दिन आप इंजक्शन पर गाड़ी खींचते हैं।जब वह भी प्रभाव हीन हो जाता है फिर अंतिम *उपचार आप्रेशन* है।इसमें *आपका तन-मन-धन* तीनों नष्ट हो जाता है।
आचार्य श्री ने बताया ठीक इसके विपरीत आयुर्वेद में आपको *बटी, क्वाथ, रस, चूर्ण, आसव व भस्म रुपी औषधि व कुछ परहेज* दिया जाता है।जो हानि रहित व पूर्ण प्राकृतिक इलाज है।इस विधि में *समय व धैर्य* दो का बहुत महत्व है मगर आप पूर्ण रुपेण स्वस्थ हो जाते हैं।* *अंग्रजी औषधियां रोग को दबाती हैं*।जबकि आयुर्वेद *रोग को समूल नष्ट* करता है।अत: लंबा , स्वस्थ व सुखी जीवन चाहते हैं तो आज ही एक *पवित्र संकल्प लें कि हम आयुर्वेद* को अपना कर सनातन धर्म के सजग प्रहरी बनेंगें।इस प्रकार वेद-महोत्सव का चोदहवां दिवस *वैदिक भजन,वेद प्रवचन व शंका-समाधान* के साथ सम्पन्न हुआ।सभी नर-नारियों ने *ज्ञान -कुंभ* में स्नान कर अपने को कृतार्थ किया।आर्यवीर *धर्मप्रकाश आर्य* प्रतिदिन यू ट्यूब चैनल से सैंकड़ों लोगों को 📚*वेद -महोत्सव*📚 पर्व का अमृतपान करा रहे हैं।
🪷*मुख्य अतिथि*🪷
आज के मुख्य अतिथि डां० सुरेश जी आर्य समाज पटहटपुर रहे! आदरणीय *रमापति अवस्थी एवं श्री धर्मप्रकाश जी!* ये दोनों आर्यजन प्रतिदिन सपरिवार आकर *श्रावणी मासिक वेद-महोत्सव* में वैदिक सत्संग का पूर्ण लाभ लेते हैं।इसके अतिरिक्त *आर्य समाज घंटाघर,आर्य समाज सौम्मैय्या नगर,आर्य समाज रसौली,आर्य समाज आवास विकास,आर्य समाज ग्रीड़गंज,ग्राम शाले नगर, ग्राम घेरी ने भी प्रतिभाग किया है।

🌹*व्यवस्थापिका*🌹
रुक्मिणी शास्त्री
आर्यावर्त्त साधना सदन बाराबंकी।