उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक सम्पन्न

उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक सम्पन्न

 

बहराइच 05 अगस्त। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के मा. अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने आयोग के मा. सदस्य से.नि. जनपद न्यायाधीश बृजेश कुमार, से.नि. अपर जनपद न्यायाधीश सन्तोष कुमार विश्वकर्मा, से.नि. आई.ए.एस. डॉ. अरविन्द कुमार चौरसिया व से.नि. आई.ए.एस. एस.बी. सिंह तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह, ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, प्रधान ग्राम पंचायत, बीडीसी व अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विकास भवन सभागार में स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के प्रतिनिधित्व, आरक्षण व्यवस्था तथा आयोग द्वारा किए जा रहे अध्ययन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं के सम्बन्ध में जिले के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।

आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों द्वारा मौजूद अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों से स्थानीय निकायों की वर्तमान स्थिति, पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, प्रतिनिधित्व तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों एवं आंकड़ों के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गई। मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनंवता द्वारा आयोग के समक्ष संबंधित विषयों की जानकारी रखते हुए बताया कि जनपद बहराइच में कुल 14 विकास खण्ड एंव 1043 ग्राम पंचायत है। जनपद बहराइच की 1043 ग्राम पंचायतों की कुल जनसंख्या लगभग 31 लाख 18 हज़ार 470 है। जिनमें सामान्य जाति की जनसंख्या 10 लाख 941, अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 10 हज़ार 857. अनुसूचित जाति की जनसंख्या 4 लाख 85 हज़ार 365 एवं अन्य पिछडा वर्ग की जनसख्या 16 लाख 21 हज़ार 307 है।

सीउीओ श्री धनवंता ने बताया कि जनपद बहराइच में कुल 62 जिला पंचायत सदस्यों के पदों में 24 सामान्य वर्ग, 09 अनुसूचित जाति एवं 29 अन्य पिछड़ा वर्ग के निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य है। जनपद बहराइच में कुल 1043 ग्राम प्रधान के पदों के सापेक्ष सामान्य वर्ग 325, अनुसूचित जनजाति 07, अनुसूचित जाति 183 एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के 526 निर्वाचित ग्राम प्रधान है। जनपद में 1561 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के पदों के सापेक्ष 440 सामान्य वर्ग, 05 अनुसूचित जनजाति, 285 अनुसूचित जाति एवं 831 अन्य पिछड़ा वर्ग के निर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। जनपद बहराइच में कुल 13671 ग्राम पंचायत सदस्यों के पदों में 4677 सामान्य वर्ग, 54 अनुसूचित जनजाति, 2665 अनुसूचित जाति एवं 6275 अन्य पिछड़ा वर्ग के निर्वाचित ग्राम पंचायत सदस्य है। जिसका विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।

आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि स्थानीय निकायों में पिछड़ा वर्ग को संवैधानिक एवं विधिक प्रावधानों के अनुरूप उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभाग आवश्यक सूचनाएं तथ्यपरक, अद्यतन एवं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराएं, जिससे आयोग अपनी संस्तुतियां निष्पक्ष एवं प्रभावी ढंग से शासन को प्रस्तुत कर सके।

बैठक के दौरान आयोग के सदस्यों ने भी विभिन्न बिंदुओं पर सुझाव देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्थानीय निकायों से संबंधित सभी अभिलेखों का सावधानीपूर्वक परीक्षण किया जाए तथा आवश्यक सूचनाओं का संकलन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य तथ्यों के आधार पर अध्ययन कर राज्य सरकार को उपयोगी सुझाव उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर डीडीओ राज कुमार, डीपीआरओ चन्द्रभान सिंह, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी मंजरी भारद्वाज, जिला कार्यक्रम अधिकारी निहारिका विश्वकर्मा सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।

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