30वीं वाहिनी पीएसी से सेवानिवृत्त होकर घर पहुंचे असिस्टेंट प्लाटून कमांडर इंद्रजीत प्रसाद, रेलवे स्टेशन पर हुआ भव्य स्वागत
1985 में नायक पद से शुरू किया सफर, अयोध्या आतंकी हमले के दौरान दिखाई थी बहादुरी
जितेन्द्र पाठक
संतकबीरनगर। 30वीं वाहिनी पीएसी से सेवानिवृत्त होकर अपने गृह क्षेत्र लौटने पर असिस्टेंट प्लाटून कमांडर इंद्रजीत प्रसाद का खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत किया गया। मूल रूप से गोरखपुर जनपद के भीखरा गांव और वर्तमान में तीतौवा निवासी इंद्रजीत प्रसाद के प्रथम आगमन पर बघौली ब्लॉक क्षेत्र के जंगल बेलहर ग्राम प्रधान राज कपूर गौतम सहित बड़ी संख्या में लोगों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया और उनके सम्मान में जोरदार स्वागत किया।
स्वागत समारोह के दौरान इंद्रजीत प्रसाद ने अपने 41 वर्षों के सेवाकाल के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वर्ष 1985 में उन्होंने 30वीं वाहिनी पीएसी में नायक पद से अपनी सेवा शुरू की थी। कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और उत्कृष्ट कार्यशैली के चलते उन्हें समय-समय पर पदोन्नति मिली और अंततः असिस्टेंट प्लाटून कमांडर के पद से सेवानिवृत्त हुए।
उन्होंने कहा कि अपने सेवाकाल में कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करने का अवसर मिला, लेकिन जुलाई 2005 में अयोध्या में हुए आतंकवादी हमले का घटनाक्रम आज भी उनकी स्मृतियों में ताजा है। उन्होंने बताया कि उस समय वह ड्यूटी पर तैनात थे और आतंकवादियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई में सबसे पहले गोली चलाने वालों में शामिल थे। उन्होंने अपने साथियों और अधिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बहादुरी से मुकाबला किया, जिसके परिणामस्वरूप सभी आतंकवादियों को मार गिराया गया।
इंद्रजीत प्रसाद ने कहा कि देश की सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा गौरव रहा है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अनुशासन, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की अपील की।
खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर उनके स्वागत के दौरान समर्थकों और शुभचिंतकों में उत्साह का माहौल रहा। लोगों ने उन्हें पुष्पमालाएं पहनाकर सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ एवं सुखद सेवानिवृत्त जीवन की कामना की। समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। लक्ष्मण निषाद, अखिलेश निषाद, आनंद निषाद, नवीन कुमार, लालजी, संजय
विवेक, अनिल ,और ऋषि सहित तमाम लोग मौजूद हैं