बसवारी गांव में मकान विवाद ने लिया हिंसक रूप, घर में घुसकर मारपीट, लूट व छेड़खानी का आरोप
राज अग्रहरि, अतुल, कुसुम, हरिशंकर राय, श्रीप्रकाश उर्फ मुन्ना राय समेत कई नामजद, CCTV में कैद घटना
हल्की धाराओं में FIR से नाराज
पीड़ित, SP से गंभीर धाराएं जोड़कर कड़ी कार्रवाई की मांग
जितेन्द्र पाठक
संतकबीरनगर।जनपद के थाना धनघटा क्षेत्र के बसवारी गांव में मकान खरीद को लेकर चल रहा विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पीड़ित अशोक कुमार पुत्र स्व० लालचन्द अग्रहरि ने आरोप लगाया है कि विपक्षीगण ने एकजुट होकर उनके घर पर चढ़कर मारपीट, गाली-गलौज, लूटपाट तथा महिलाओं के साथ छेड़खानी जैसी गंभीर घटना को अंजाम दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अशोक कुमार के पुत्र प्रशान्त कुमार अग्रहरि ने अपने ही संबंधी विजय कुमार से गांव में मकान खरीदा था। इस खरीद को लेकर विजय कुमार के परिवार के लोगों को आपत्ति थी और दोनों पक्षों के बीच समझौते की बातचीत चल रही थी।
पीड़ित के अनुसार 27 जुलाई 2026 को आरोपियों द्वारा समझौते के लिए बैजनाथ मंदिर पर बुलाया गया, लेकिन वहां न पहुंचने पर उसी दिन सुबह करीब 10:30 बजे राज अग्रहरि पुत्र विजय अग्रहरि, अतुल पुत्र विजय, कुसुम पत्नी विजय, हरिशंकर राय पुत्र रामशृंगार राय, श्रीप्रकाश राय उर्फ मुन्ना राय पुत्र फत्ते राय सहित अन्य अज्ञात लोग एक राय होकर पीड़ित के दरवाजे पर पहुंचे और हमला कर दिया।
आरोप है कि हमलावरों ने अशोक कुमार, उनकी पत्नी शकुन्तला देवी, पुत्री वेदान्ती और जान्हवी के साथ मारपीट की। इस दौरान महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए हाथ पकड़कर छेड़खानी की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई। मारपीट के दौरान अशोक कुमार की जेब में रखे ₹700 रुपये तथा उनकी पत्नी का मंगलसूत्र गिर गया।
घटना के दौरान शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर किसी तरह परिवार को बचाया। पीड़ित ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे।
इस मामले में थाना धनघटा पर FIR संख्या 0539 दिनांक 27 जुलाई 2026 को दर्ज की गई है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धाराएं 191(2), 115(2), 352 एवं 353(3) लगाई गई हैं।
हालांकि पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना की गंभीरता के बावजूद पुलिस द्वारा हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मांग की है कि मामले में गंभीर धाराएं जोड़ी जाएं और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बताया जा रहा है कि पूरी घटना घर में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जो जांच में अहम साक्ष्य साबित हो सकती है।
अब देखना होगा कि उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है।