शेयर मार्केट धोखाधड़ी पर बड़ा प्रहार, ₹1 करोड़ की संपत्ति कुर्क
साइबर क्राइम थाना की ऐतिहासिक कार्रवाई, 107 बीएनएसएस में पहली सबसे बड़ी कुर्की
पोंजी नेटवर्क का खुलासा, ₹20 करोड़ तक की ठगी का फैला जाल
जितेन्द्र पाठक
संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में थाना महुली व साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग ₹1 करोड़ मूल्य की संपत्ति कुर्क की है। यह कार्रवाई धारा 107 बीएनएसएस के अंतर्गत जनपद की पहली और सबसे बड़ी कुर्की मानी जा रही है।
विवेचना के दौरान मुख्य अभियुक्त धनंजय शुक्ला पुत्र विपिन बिहारी शुक्ला निवासी मुंडेरा उपाध्याय थाना हाटा जनपद कुशीनगर तथा रजनी प्रजापति पुत्री खेमकरन प्रजापति निवासी पुलिस लाइन बिलासपुर छत्तीसगढ़ के स्वामित्व वाली प्लॉट संख्या 61, जेबी वैली गार्डन थाना पारा जनपद लखनऊ स्थित संपत्ति को कुर्क किया गया। यह संपत्ति करीब ₹65 लाख में खरीदी गई थी, जिसकी वर्तमान कीमत लगभग ₹1 करोड़ आंकी गई है। न्यायालय के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई पूरी की गई है।
प्रकरण में 18 अक्टूबर 2025 को वादी संतलाल मौर्य निवासी ग्राम हटवा थाना महुली द्वारा शिकायत दी गई थी कि TVS Solution Company के नाम पर धनंजय शुक्ला और रजनी प्रजापति ने शेयर मार्केट निवेश का झांसा देकर ₹51 लाख की ठगी की। निवेश अवधि पूरी होने के बाद अभियुक्त कार्यालय बंद कर फरार हो गए और मोबाइल फोन बंद कर लिया। इस आधार पर थाना महुली में मु0अ0सं0 384/2025 धारा 318(4), 316(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया, जिसकी विवेचना उपनिरीक्षक ललित कांत यादव द्वारा की जा रही है।
जांच में बैंक अभिलेख, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और डिजिटल डाटा के विश्लेषण से सामने आया कि गिरोह ने विभिन्न जनपदों के लोगों से लगभग ₹15 से ₹20 करोड़ तक की धनराशि एकत्र की। यह रकम शेयर मार्केट में निवेश करने के बजाय पोंजी/पिरामिड स्कीम के जरिए नए निवेशकों से पैसा लेकर पुराने निवेशकों को भुगतान कर विश्वास बनाए रखने में खर्च की जाती थी।
विवेचना में संजय कुमार सहित अन्य चार सहयोगियों की संलिप्तता भी सामने आई है। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि ठगी की रकम से अभियुक्तों ने मकान, प्लॉट व अन्य अचल संपत्तियां खरीदीं। कई अन्य पीड़ितों ने भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय व थाना महुली में शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिन्हें विवेचना में शामिल किया गया है।
अभियुक्त धनंजय शुक्ला, रजनी प्रजापति को 18 मई 2026 को तथा विक्रांत प्रकाश सिंह पुत्र विद्या प्रकाश सिंह निवासी गायघाट थाना महुली और सत्यप्रकाश यादव पुत्र रामलालित यादव निवासी चंद्रहर थाना महुली को 6 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा गया।
विवेचना में सह-अभियुक्त विक्रांत प्रकाश सिंह की करीब ₹4 करोड़ मूल्य की संपत्ति भी चिन्हित की गई है, जिसकी कुर्की के लिए न्यायालय में रिपोर्ट भेजी जा चुकी है और मामला विचाराधीन है।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक ललित कांत यादव व कांस्टेबल धीरेन्द्र कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।