अयोध्या की प्राकृतिक विरासत के संरक्षण को लेकर हुआ मंथन
-पर्यावरणविदों व प्रकृति प्रेमियों के साथ इंटैक की हुई बैठक
अयोध्या। इंटैक अयोध्या चैप्टर द्वारा कल जिंगल बेल नर्सरी स्कूल सोसायटी के कॉन्फ्रेंस रूम में पर्यावरणविदों एवं प्रकृति प्रेमियों के साथ इंटैक की प्राकृतिक धरोहर प्रभाग, नई दिल्ली के दिशा निर्देशन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई इस बैठक में अयोध्या की प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सभी ने अपने विचार साझा किया साथ ही साथ इंटक की नेचुरल हेरीटेज टीम द्वारा अयोध्या के नेचुरल हेरीटेज को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी एवं सर्वे साझा किए गए इंटैक नई दिल्ली से मनु भटनागर और उनकी नेचुरल हेरिटेज डिवीजन की टीम द्वारा अयोध्या के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, गणमान्य व्यक्तियों और पर्यावरण प्रेमियों के समक्ष अयोध्या के पर्यावरण सर्वेक्षण की प्रस्तुति की गई। इस बैठक में अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी जी इंटैक अयोध्या की कन्वीनर मंजुला झुनझुनवाला को कन्वीनर अनुजा श्रीवास्तव समेत वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं अयोध्या के पर्यावरण प्रेमियों ने प्रतिभाग किया ने एक स्वर में कहा कि अयोध्या की जैव विविधता संरक्षण के लिए एक मजबूत स्थानीय नेटवर्क बनाने की आवश्यकता है जिसमें स्थानीय नागरिकों एवं प्रकृति प्रेमियों का सहयोग अपेक्षित है । इसी के साथ प्राकृतिक धरोहर संरक्षण की ओर एक और कदम बढ़ाते हुए दिनांक 22 और 23 जुलाई को इंटैककी नेचुरल हेरीटेज टीम नई दिल्ली द्वारा एवियन फौना लिस्टिंग वर्कशॉपष् का आयोजन किया गया जिसमें प्रशिक्षक के रूप में इंटैक नई दिल्ली से पर्यावरण विद् शीतिका एवं पवन सिंह बिष्ट ने अयोध्या की प्राकृतिक विरासत में चिड़ियों का क्या महत्व है इस पर विस्तार से बच्चों को बताया इस वर्कशॉप में उदया पब्लिक स्कूल, जेबी अकैडमी ,भवदीय पब्लिक स्कूल, तक्षशिला एकेडमी अंबेडकर नगर, यश विद्या मंदिर दर्शन नगर एवं के एम स्कूल के बच्चों ने प्रतिभाग किया बच्चों ने सरयू नदी के किनारे मांझा एरिया और निर्मली कुंड के आसपास के स्थान पर जाकर वहां पर लगभग 30 प्रजातियों के पक्षियों को देखा और उनके व्यवहारों का अध्ययन किया। वर्कशॉप के अंतिम दिन सभी बच्चों ने अयोध्या चैप्टर की कन्वीनर मंजुला झुनझुनवाला एवं को कन्वीनर अनुजा श्रीवास्तव के सामने अपना प्रेजेंटेशन दिया और पक्षियों के संरक्षण के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए साथ ही साथ सभी बच्चों ने एक स्वर में आश्वासन दिया कि हम सभी इसके लिए अपने विद्यालय और अपने आसपास लोगों को अवश्य जागरूक करेंगे ।