देश के स्वर्णिम भविष्य का निर्माण शिक्षकों के कंधों पर: डॉ. बिजेंद्र सिंह

देश के स्वर्णिम भविष्य का निर्माण शिक्षकों के कंधों पर: डॉ. बिजेंद्र सिंह

-देशविरोधी गतिविधियों से रहें सावधान और राष्ट्र उत्थान जुटें युवा वर्ग

अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड’ वितरण कार्यक्रम में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह ने इस योजना को प्रदेश सरकार की एक ऐतिहासिक पहल करार दिया। कार्यक्रम में डॉ.भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया गया। कुलपति ने कहा कि घ्स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ी उपलब्धि के साथष्गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर से ठीक पूर्व शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को श्शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्डश् का उपहार मिलना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। यह प्रदेश सरकार की एक अत्यंत सराहनीय और संवेदनशील पहल है, जो शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए एक मजबूत स्वास्थ्य सुरक्षा कवच का काम करेगी।

भारत में ऋषि काल से ही सामाजिक योगदान के लिए गुरु-शिष्य परंपरा का विशेष महत्त्व रहा है। प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री की यह अनूठी पहल शिक्षक समाज को संबल प्रदान करेगी। शिक्षक ही समाज का सही आईना होता है और देश के स्वर्णिम भविष्य का निर्माण उसी के कंधों पर निर्भर करता है। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों का यह परम दायित्व है कि वे श्विकसित भारत 2047श् के संकल्प को पूरा करने के लिए युवाओं को तैयार करें। विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के साथ-साथ उनमें राष्ट्रभक्ति का भाव जगाएं, देशविरोधी गतिविधियों से दूर रखें और राष्ट्र उत्थान में तत्पर रहने के लिए प्रेरित करें। सभी स्वदेशी मंच स्थापित कर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। जिस प्रकार ऐतिहासिक रामसेतु के निर्माण में छोटी सी गिलहरी का बहुमूल्य योगदान सुनहरे अक्षरों में दर्ज है, ठीक उसी प्रेरणा के साथ प्रत्येक शिक्षक को आगे बढ़ना होगा। इस राष्ट्र को आप सभी के अमूल्य योगदान की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने घ्शासन एवं सरकार का आभार प्रकट करते हुए कहा कि शिक्षा जगत से जुड़े लाखों शिक्षकों, कर्मचारियों और उनके परिजनों को इस जनकल्याणकारी योजना का सीधा लाभ पहुँचाने के लिए मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी जी एवं शासन के शीर्ष अधिकारियों का विश्वविद्यालय परिवार की ओर से हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। प्राचार्य प्रो. दान पति त्रिपाठी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा के लिए इधर-उधर परेशान नहीं होना पड़ेगा। इसके लिए सरकार ने बिना किसी भेदभावपूर्ण के सभी के साथ समान रूप से न्याय किया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजा मोहन गर्ल्स पीजी कॉलेज की प्राचार्या प्रोफेसर मंजूषा मिश्र ने कहां की यह सभी शिक्षकों का दायित्व है कि बच्चों में संस्कार, संस्कृति, परंपरा से जुड़ाव पैदा करें जिससे एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण हो सके। धन्यवाद ज्ञापन में कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने कहा कि 26 जुलाई कारगिल विजय दिवस के अवसर पर प्रदेश सरकार का यह उपहार शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच के रूप में देखा जा सकता है। कुलसचिव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राज्य शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी एवं योजना को लागू करने वाले प्रमुख रूप से प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा एमपी अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त किया है। सभागार में उपस्थित सभी शिक्षकों के समूह ने कल्याणकारी योजना के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया है। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया एवं उपस्थित सभी अतिथियों का पुष्प गुच्छ एवं अंग वस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीलम पाठक के संयोजन में किया गया। मंच संचालन इं. शांभवी शुक्ला ने किया। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद सभागार में मुख्य विकास अधिकारी के के सिंह, चीफ प्रॉक्टर प्रो. एस एस मिश्र, प्रो. आशुतोष सिन्हा, प्रो. अनूप कुमार , प्रो. विनोद कुमार श्रीवास्तव, प्रो. सी के मिश्र, प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा, प्रो फर्रुख जमाल प्रो. गंगाराम मिश्र, प्रो एस के रायजादा, डॉ. दिनेश कुमार सिंह, डॉ मनीष कुमार सिंह सहित 500 से अधिक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।