श्री श्री 1008 श्री दादा गुरुजी का 46वां वार्षिक भंडारा संपन्न, संतों और भक्तों का लगा तांता

 

अयोध्या सहित चारों प्रमुख धामों के संतों ने लिया हिस्सा, प्रतिवर्ष होती है विशाल भंडारे की परंपरा

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। आध्यात्मिक और धार्मिक नगरी अयोध्या स्थित श्री रघुनाथ सत्संग भवन, रायगंज में ब्रह्मलीन श्री श्री 1008 श्री दादा गुरुजी का 46वां वार्षिक भंडारा पूरी श्रद्धा, भव्यता और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रख्यात संतों, महात्माओं और शिष्यों ने शिरकत की और दादा गुरुजी की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उनके प्रति अपनी अगाध श्रद्धा व्यक्त की। आयोजन की जानकारी देते हुए संतों ने बताया कि वर्ष 1980 में महाराज जी का साकेतवास हुआ था, जिसके पश्चात से प्रतिवर्ष यह विशाल भंडारा अनवरत रूप से आयोजित किया जाता है। इस वर्ष यह 46वां भंडारा है, जिसमें देश भर से महाराज श्री के तमाम शिष्य और अनुयायी अयोध्या पहुँचे। चारों प्रमुख स्थानों के महंतों की रही गरिमामयी उपस्थिति इस धार्मिक अनुष्ठान की विशेषता यह रही कि महाराज श्री के चारों प्रमुख स्थानों—अयोध्या, रुपैडिया, नेपाल बॉर्डर और नैमिषारण्य—के महंत व प्रतिनिधि इसमें सम्मिलित हुए। नैमिषारण्य महंत मनमोहन दास जी रुपैडिया महंत मनमोहन दास जी नेपाल रामभद्र दास जी महाराज अन्य महानुभावों ने भी सामूहिक रूप से इस कार्यक्रम को दिव्य स्वरूप प्रदान किया।
हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद वक्ताओं ने बताया कि ऐसे आश्रमों में महाराज श्री के नाम से प्रतिदिन और विशेष अवसरों पर वार्षिक भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। यह आयोजन गुरु भाइयों और शिष्यों के आपसी सहयोग तथा रामलला के आशीर्वाद से हर वर्ष सफलतापूर्वक संपन्न होता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने श्री रामलला और दादा गुरुजी का स्मरण कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।