ब्रम्हलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्य तिथि पर विश्व हिन्दू महासंघ ने निकाली श्रीकृष्ण जन्म भूमि मुक्ति यज्ञ, विजय यात्र

ब्रम्हलीन महंत अवेद्यनाथ की पुण्य तिथि पर विश्व हिन्दू महासंघ ने निकाली श्रीकृष्ण जन्म भूमि मुक्ति यज्ञ, विजय यात्र

हवन, यज्ञ, सहभोज में उमडे लोग

 

महंत अवेद्यनाथ ने लोकमंगल की भूमिका को नई दिशा दिया- दिग्विजय सिंह राना

 

लवकुश सिंह संवाददाता

अनुराग लक्ष्य न्यूज बस्ती

 

बस्ती । विश्व हिन्दू महासंघ द्वारा गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पूज्य गुरुदेव राष्ट्र संत ब्रम्हलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के पुण्य तिथि के निमित्त जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह के संयोजन में राजकीय इण्टर कालेज से अमहट घाट स्थित स्द्धिेश्वरनाथ मंदिर तक श्रीकृष्ण जन्म भूमि मुक्ति यज्ञ, विजय यात्रा निकाली गई। कार्यक्रम सहभोज के साथ सम्पन्न हुआ।

मुख्य अतिथि अतिथि दिग्विजय सिंह राना ने कहा कि महंत अवेद्यनाथ श्री रामजन्म भूमि के प्राण थे। सबको साथ लेकर चलने की उनमें विलक्षण प्रतिभा थी। उसी के परिणाम स्वरूप श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन के साथ सभी संप्रदायों, दार्शनिक परम्पराओं के संत जुड़ते चले गए और लक्ष्य पूर्ण हुआ। गोरखनाथ मंदिर की वर्तमान भव्यता, शानदार वास्तुशिल्प महंत अवेद्यनाथ की ही देन है। उन्होने अस्पताल, स्कूलों की स्थापना कर लोकमंगल की भूमिका को नई दिशा दिया, उनका योगदान सदैव याद किया जायेगा।

महासंघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह ने कहा कि ब्रह्मलीन महन्थ अवेद्यनाथ जी ने हिन्दू धर्म की आध्यात्मिक साधना के साथ ‘सामाजिक हिन्दू’ साधना को भी आगे बढाया और सामाजिक जनजागरण को अधिक महत्वपूर्ण मानकर हिन्दू धर्म के सोशल इंजीनियरिग पर बल दिया । बहुसंख्यक समाज को जोड़ने के लिए सहभोजों के क्रम में महंत अवेद्यनाथ ने बनारस में संतों के साथ डोमराजा के घर सहभोज कर उदाहरण प्रस्तुत किया। 12 सितम्बर 2014 को महन्थ अवेद्यनाथ ब्रम्हलीन हो गये। उनके सपनों, संकल्पोें को पूरा करने का दायित्व हम सबका है। कहा कि अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीकृष्ण जन्म भूमि मुक्ति के लिये निरन्तर प्रयासरत है। पुज्य गुरूदेव महन्थ अवेद्यनाथ की कृपा से शीघ्र ही यह लक्ष्य पूरा होगा।

आर्य समाज नई बाजार के प्रधान ओम प्रकाश आर्य कहा कि महंत अवेद्यनाथ नेे अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए गोरक्षपीठ की शैक्षिक और सांस्कृतिक परंपरा को समृद्ध किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और लोककल्याण को सर्वोपरि माना। उनका योगदान हम सबको सदैव प्रेरणा देगा। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता अंकुर वर्मा, प्रमोद पाण्डेय, दिलीप पाण्डेय, सौरभ त्रिपाठी, प्रमोद सिंह, कुलदीप मिश्रा,सुधीर सिंह, समर प्रताप सिंह ,चंद्रशेखर कमलापुरी, महंत गिरजेश दास, विंद गोपाल त्रिपाठी,सौरभ त्रिपाठी, विवेक श्रीवास्तव, डॉ पंकज त्रिपाठी, पूनम सिंह वशिष्ठ मुनि दुबे, विकास प्रजापति, आदि ने कहा कि हिन्दू समाज की एकता, परस्पर समन्वय से प्रगति ही महंत अवेद्यनाथ को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होने जो दिशा दिया है उसे गतिमान करने की जरूरत है।

गोष्ठी और सहभोज में मुख्य रूप से विवेक श्रीवास्तव, डॉ पंकज त्रिपाठी, पूनम सिंह, वशिष्ठ मुनि दुबे, विकास प्रजापति, राजकुमार मंटू चौधरी, अर्पण श्रीवास्तव, जिला प्रभारी शिवलाल प्रेमी, विपिन सिंह, राकेश सिंह, सुनील मिश्रा, बालकृष्ण सिंह, सौरभ चतुर्वेदी, मुन्ना सिंह, डॉ परशुराम साहनी, परमानंद गुप्ता, सोनार, उज्जवल सिंह, संदीप कमलापुरी, राहुल कमलापुरी, विजय गुप्ता, गुलाब सिंह, महेंद्र पाठक जी, बाबा जयप्रकाश दास, देवेन्द्र दास, पहले वाले बाबा, सुंदर जी महाराज, जगरामनाथ, अजय स्वरानंद महाराज अभिषेक आर्य रूपनारायण गौड़ ,सतीश पांडे, शिवम मिश्रा, सिकंदर वर्मा, राजन पाल, सूरज श्रीवास्तव, प्रिंस जायसवाल, अविनाश शर्मा, अभिषेक सिंह, अभय चौधरी के साथ ही विश्व हिन्दू महासंघ के सैकड़ो पदाधिकारी, कार्यकर्ता उपस्थित रहे।