मऊ । नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने सोमवार को जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, मऊ की मधुबन शाखा के नवीन भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने नवीन भवन के निर्माण पर क्षेत्रवासियों, बैंक प्रबंधन और सहकारी समिति के सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि यदि पूर्ववर्ती सरकारों ने सहकारी बैंकों और समितियों पर समय रहते ध्यान दिया होता तो ऐसे आधुनिक भवन वर्षों पहले बन चुके होते।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार देश में सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया और “सहकारिता से समृद्धि” का लक्ष्य निर्धारित किया गया। उन्होंने कहा कि आज सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण, गुणवत्तापूर्ण बीज, खाद और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने किसानों से सामूहिकता और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि यही भावना ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की आधारशिला है। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड भी वितरित किए।घोसी सहकारी चीनी मिल के संबंध में मंत्री ने कहा कि सरकार अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि आगामी पेराई सत्र को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए लगभग 5 से 6 करोड़ रुपये की व्यवस्था किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के सहयोग से घोसी चीनी मिल को अत्याधुनिक तकनीक से विकसित कर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की अग्रणी आधुनिक चीनी मिलों में शामिल करने की योजना पर भी काम चल रहा है।कार्यक्रम के बाद मंत्री ए. के. शर्मा ने बार्क में वैज्ञानिक पद पर चयनित होकर जनपद का नाम रोशन करने वाले युवा हिमांशु वर्मा के आवास पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा ही विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है तथा हिमांशु वर्मा की उपलब्धि जिले के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।इस अवसर पर गिरिजा शंकर मौर्य, ब्लॉक प्रमुख शुभम सिंह, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष अखिलेश तिवारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक विजय प्रकाश वर्मा सहित सहकारी समिति के सदस्य, किसान और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।