जेलों को आधुनिक और सुधारोन्मुख बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही सरकार: दारा सिंह चौहान

लखनऊ प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार जेलों को आधुनिक, सुरक्षित और सुधारोन्मुख बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कारागारों का उद्देश्य केवल बंदियों को निरुद्ध रखना नहीं, बल्कि उनमें सकारात्मक परिवर्तन लाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। इसके लिए जेलों में नैतिक शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।कारागार मंत्री सोमवार को डॉ. सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान, लखनऊ में आयोजित कारागार अधिकारी संवर्ग के 123वें तथा जेल वार्डर संवर्ग के 179वें सत्र के पासिंग आउट परेड एवं दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने परेड का निरीक्षण और सलामी लेकर की।दीक्षांत समारोह में कुल 91 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण पूरा किया। इनमें छत्तीसगढ़ के छह जेल अधीक्षक, तीन सहायक अधीक्षक, उत्तर प्रदेश के तीन डिप्टी जेलर सहित कुल 12 अधिकारी तथा उत्तर प्रदेश के 79 जेल वार्डर शामिल रहे।दारा सिंह चौहान ने प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशिक्षित, अनुशासित और संवेदनशील कारागार कर्मी ही प्रभावी एवं सुरक्षित जेल व्यवस्था की आधारशिला हैं। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान मानवाधिकार संरक्षण, आधुनिक तकनीक के उपयोग, अनुशासन तथा बंदियों के पुनर्वास जैसे विषयों को विशेष महत्व देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सभी प्रशिक्षित अधिकारियों और जेल वार्डरों को ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सेवाभाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।इस अवसर पर प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 31 प्रशिक्षणार्थियों को सम्मानित किया गया। साथ ही सभी नवप्रशिक्षित अधिकारियों और जेल वार्डरों को पद एवं गोपनीयता की शपथ भी दिलाई गई।अधिकारी संवर्ग में छत्तीसगढ़ के जेल अधीक्षक प्रसून गुप्ता, सुधीर ठाकुर, टामन, निर्मल सिंह, समीक्षा साहू और लोकेश्वरी, सहायक अधीक्षक संदीप कुमार, महेंद्र कुमार एवं अनुप्रिया लाकड़ा तथा उत्तर प्रदेश के डिप्टी जेलर अनुपम मिश्रा, दिशा और तेजस्वी तिवारी ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। जेल वार्डर संवर्ग में उत्तर प्रदेश के 79 प्रशिक्षु शामिल रहे।दीक्षांत समारोह में अधिकारी संवर्ग का सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षार्थी पुरस्कार छत्तीसगढ़ के जिला कारागार गरियाबंद के जेल अधीक्षक टामन को, जबकि जेल वार्डर संवर्ग का सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षार्थी पुरस्कार उत्तर प्रदेश के जिला कारागार बागपत के अतुल यादव को प्रदान किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महानिदेशक कारागार पी.सी. मीना ने कहा कि डॉ. सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान एशिया का पहला कारागार प्रशिक्षण संस्थान है, जहां देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों के कारागार अधिकारियों को भी प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया कि मार्च 2026 तक इस संस्थान में 1,681 अधिकारियों तथा 13,266 जेल वार्डरों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।समारोह में पुलिस उपमहानिरीक्षक कारागार एस.सी. शाक्य, प्रदीप गुप्ता, उपमहानिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार मैत्रेय, पी.एन. पांडेय, सहायक महानिरीक्षक कारागार (छत्तीसगढ़) अमित शांडिल्य, वरिष्ठ जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल, वित्त नियंत्रक आबिद अली अंसारी सहित अन्य अधिकारी एवं प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित रहे।