अनुराग लक्ष्य, 01 जुलाई
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता ।
,,, अंधियारों में दीप जलाने आया अनुराग लक्ष्य
सहरा सहरा फूल खिलाने आया अनुराग लक्ष्य
हाथ में लेके हाथ हमारा बढ़ो तो तुम आगे
ख़्वाबों को सच करके दिखाने आया अनुराग लक्ष्य,,,
कितने खुशकिस्मत हैं वोह लोग जो ऊंची ऊंची उड़ानों की तमन्नाओं को अपने दिलों में नहीं बसाते, ज़िंदगी को ज़िंदगी समझते हैं और हालात का रुख जिस तरफ़ हो जाए, चुप चाप मुड़ जाते हैं । फिर सारा सफर तय कर के अपनी मंजिल पर पहुंच जाते हैं। और जब ख्वाहिशों की ग़ुलामी से आज़ाद होते हैं तो रंगीन बहारें खुद बखुद उनके दामन को सच्ची खुशियों से भर देती हैं।
यही बात मेरे अज़ीज़ दोस्त और अनुराग लक्ष्य के संपादक विनोद कुमार उपाध्याय के ऊपर भी लागू होती है। तब मुझे यह गर्व से कहना पड़ता है कि,
,, जो ख़ुद को प्यार के साँचे में ढाल लेता है,
वोह तपती रेत में दरिया निकाल लेता है,
बिछे हों राह में शोले भी गर अदावत के,
बनाके फ़ूल उन्हें भी संभाल लेता है,,,
खुशी की बात है कि 5 जुलाई को अनुराग लक्ष्य अपने सफर 31 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। यह एक बहुत ही खुशगवार लम्हा होगा जिसका जश्न हम बस्ती वासी बस्ती प्रेस क्लब में 5 जुलाई 11 बजे दिन में अपनी आंखों से देखेंगे।
अन्त मे मैं सलीम बस्तवी अज़ीज़ी ब्यूरो प्रभारी अनुराग लक्ष्य मुंबई, अपनी हज़ार हज़ार दुआओं और शुभकामनाओ के साथ अनुराग लक्ष्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए यही कहना चाहता हूँ कि,
,,,जिस भी कश्ती के मुहाफ़िज़ तुम बनो हरगिज़ उसे,
साँस भी थम जाए गर न छोड़ना मझधार में,
मंजिलें उनके ही क़दमों में ठहरती हैं विनोद,
जोड़ लेता है जो ख़ुद को वक्त की रफ़्तार में ,,,
इस मौके पर विचार गोष्ठी, कवि सम्मेलन और मुशायरे का भी आयोजन भव्य रूप में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश के नामी गिरामी रचनाकारों के आने की संभावना है।
पेशकश,,,, सलीम बस्तवी अज़ीज़ी ब्यूरो प्रभारी अनुराग लक्ष्य मुंबई ।