मुख्य अतिथि सुरेश यादव ने की शिरकत, 11 हजार बत्तियों की महाआरती से गुंजायमान हुआ तुलसीदास घाट
महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। श्री अवध सरयू नित्य आरती सेवा समिति के तत्वावधान में सोमवार को अयोध्या के संत श्री तुलसीदास घाट (कच्चा घाट) पर मां सरयू का जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और वैदिक अनुष्ठानों के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जुटकर पुण्य सलिला मां सरयू का पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
वैदिक मंत्रोच्चार और भव्य महाआरती जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक संपन्न कराया गया। इस दौरान मां सरयू को 108 कमल पुष्प अर्पित किए गए। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 11 हजार बत्तियों से की गई भव्य महाआरती रही, जिसकी अलौकिक छटा देखकर पूरा घाट भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा। इसके उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण: सुरेश यादव
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए समाजसेवी संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश यादव ने कहा कि, “मां सरयू केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरे सनातन धर्म की आस्था का केंद्र हैं। ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनते हैं।” उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को मां सरयू जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। सनातन मूल्यों के प्रसार पर जोर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूज्य श्री सीताराम उर्फ बबलू महाराज ने कहा कि मां सरयू का जन्मोत्सव सनातन संस्कृति के संरक्षण और जन-जन में आस्था जागृत करने का महापर्व है। उन्होंने बताया कि अवध नित्य आरती सेवा समिति द्वारा प्रतिदिन मां सरयू की भव्य आरती का आयोजन किया जाता है। आरती व्यवस्था का कुशल संचालन मुकेश शास्त्री द्वारा किया गया।
इस अवसर पर सनातन रक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी ने कहा कि उनकी संस्था सदैव धर्म और आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण के लिए समर्पित है। ऐसे आयोजन समाज को एकता और सनातन मूल्यों से जोड़ते हैं। कार्यक्रम में अनेक संत, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने विश्व कल्याण और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। अंत में प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।