12 साल से बंद ITI, अधूरे प्रोजेक्ट और जर्जर सड़कें—सेमरियावां में विकास पर उठे सवाल

12 साल से बंद ITI, अधूरे प्रोजेक्ट और जर्जर सड़कें—सेमरियावां में विकास पर उठे सवाल

 

डिग्री कॉलेज, सड़क मरम्मत और अतिथि गृह संचालन को लेकर जिला पंचायत सदस्य कायनात अहमद ने DM को सौंपे कई पत्र

 

“भवन तैयार, संसाधन मौजूद, फिर भी जनता सुविधाओं से वंचित” — त्वरित कार्रवाई की मांग

 

जितेंद्र पाठक

 

संत कबीर नगर। विकास खण्ड सेमरियावां में वर्षों से अधूरे पड़े विकास कार्यों और बंद पड़ी योजनाओं को लेकर अब जनप्रतिनिधियों ने खुलकर आवाज उठानी शुरू कर दी है। जिला पंचायत सदस्य कायनात अहमद ने 05 जून 2026 को जिलाधिकारी को अलग-अलग पत्र भेजकर तकनीकी शिक्षा, उच्च शिक्षा, सड़क मरम्मत और सरकारी भवनों के उपयोग जैसे मुद्दों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

 

सबसे गंभीर मामला वर्ष 2013 में एमएसडीपी योजना के तहत स्वीकृत राजकीय आवासीय मिनी ITI सेमरियावां का है, जो करीब 12 वर्षों बाद भी शुरू नहीं हो सका है। जबकि भवन, प्रयोगशालाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं पूरी तरह तैयार हैं। इसके बावजूद शैक्षणिक सत्र प्रारंभ न होने से क्षेत्र के सैकड़ों छात्र-छात्राएं तकनीकी शिक्षा से वंचित हैं। कायनात अहमद ने इसे “युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय” बताते हुए ITI को तत्काल चालू कराने की मांग की है।

 

इसी के साथ उन्होंने सेमरियावां में राजकीय मॉडल डिग्री कॉलेज की स्थापना की आवश्यकता भी उठाई है। उन्होंने बताया कि विकास खण्ड मुख्यालय पर उच्च शिक्षा की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण गरीब और ग्रामीण छात्रों को इंटरमीडिएट के बाद पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि गाटा संख्या 1084 की भूमि पहले से ही डिग्री कॉलेज के लिए आरक्षित है और उसी क्षेत्र में ITI भवन भी स्थित है, जिससे यहां कॉलेज स्थापित करना व्यवहारिक और आवश्यक है।

 

क्षेत्र की जर्जर सड़कों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। वार्ड संख्या-09 की कई सड़कें वर्षों से खराब स्थिति में हैं और आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बन रही हैं। कायनात अहमद ने 9 प्रमुख मार्गों—जिनमें बीआरएम सीमेंटो से सिरसवा दाखिली, दरियाबाद, कड़जा, नंगोली, पुंदेन मंसूर, बेथौरीपुर और बेनपुर तक के रास्ते शामिल हैं—की सूची जिलाधिकारी को सौंपते हुए तत्काल मरम्मत की मांग की है।

 

इसके अलावा, सेमरियावां के JUH0 परिसर में निर्मित राजकीय अतिथि विश्राम गृह भी वर्षों से उपयोग में नहीं आ सका है। लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाए गए इस भवन का निर्माण पूरा होने के बावजूद यह खाली पड़ा है और रख-रखाव के अभाव में जर्जर होता जा रहा है। कायनात अहमद ने इसे सरकारी संसाधनों की बर्बादी बताते हुए शीघ्र संचालन की मांग की है।

 

जिला पंचायत सदस्य कायनात अहमद ने जिलाधिकारी से इन सभी मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते योजनाओं को जमीन पर नहीं उतारा गया, तो इससे क्षेत्र के विकास पर गंभीर असर पड़ेगा और आम जनता का आक्रोश भी बढ़ सकता है।