बाइज्जत बरी हुआ दुष्कर्म का आरोपित

 

बस्ती उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले मेंअपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय जेबा की अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपित को बाइज्जत बरी कर दिया है। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपित के खिलाफ लगे आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह विफल रहा। साक्ष्यों की कमी और गवाहों के बयानों में विरोधाभास के चलते आरोपी को दोषमुक्त करार दिया गया। मामले के अनुसार, घटना 27 मई 2022 की रात्रि दस बजे सोनहा क्षेत्र के गांव की है। आरोपित विकास सोनी उर्फ विकास वर्मा निवासी मानिकचंद, वाल्टरगंज के खिलाफ दुष्कर्म की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले को मजबूती से रखने की कोशिश की और आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामकृपाल चौधरी ने आरोपित के पक्ष में अपनी कानूनी दलीलें रखीं। करीब साढ़े तीन वर्ष लंबे चले मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 12 गवाहों को न्यायालय में पेश किया गया। इनमें मामले की जांच करने वाले पुलिस निरीक्षक,पीड़िता का परीक्षण करने वाले चिकित्सक अन्य महत्वपूर्ण आधिकारिक और चश्मदीद गवाह शामिल थे। चिकित्सकीय रिपोर्ट और पुलिस अधिकारियों के बयानों के बावजूद, बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में यह साबित कर दिया कि कहानी में कई कड़ियां गायब हैं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद मामना कि इस केस में परिस्थितिजन्य साक्ष्य और गवाहों के बयान अपराध की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। अदालत ने आरोपी को सभी आरोपों से मुक्त कर बाइज्जत बरी कर दिया।