कहानिका झारखंड अध्याय पर आंग्ल नववर्ष व विश्व हिंदी दिवस पर काव्य गोष्ठी संपन्न
कहानिका झारखंड अध्याय पर आंग्ल नववर्ष व विश्व हिंदी दिवस पर दिनांक 13 जनवरी’ 2026 सायं 6 से एक आभासी काव्य गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया।
गोष्ठी का शुभारंभ रेनू बलाधर की गणेश वंदना से हुआ।तत्पश्चात मधुमिता सहाय द्वारा सुंदर शब्दों में माँ वाणी की वंदना प्रस्तुत की गई। श्याम कुंवर भारती द्वारा स्वागत उद्बोधन हुआ इसके पश्चात अतिथियों का आशीर्वचन भी लिया गया।
पुष्प पांडे जी ने हिंदी दिवस पर अपनी रचना प्रस्तुत की गांव की गलियों से चलकर गया देश-विदेश सरल सहजता से पाया हिंदी ने विश्व प्रवेश। सिम्मी नाथ ने हिंदी और नारी की तुलनात्मक व्याख्या करते हुए उसकी उपेक्षा पर गहरी संवेदना व्यक्त करती हुई कविता का पाठ किया। उसके बाद उर्मिला सिंह ने समय की मेहता बताते हुए घड़ी की उपयोगिता नियत समय पर सोना 24 घंटे के दिन रात चक्र पर अपनी रचना प्रस्तुत की।
उसके तत्पश्चात मांगीलाल ने ओज रस से परिपूर्ण शस्य श्यामला सुजलाम शुफलाम, वंदन यह है, प्रस्तुत की जिसमें सभी राज्यों का सुंदर वर्णन व्याख्या शामिल थी। उसके बाद दिवाकर पाठक जी ने शुभ मंगल का मंगल आया, नूतन वर्ष का दीप जलाए, नव वर्ष का बिगुल बजाया सुंदर रचना द्वारा आंग्ल नव वर्ष का हार्दिक अभिनंदन प्रस्तुत किया। प्रतिभा प्रकाश ने जब दिनकर होले से मुस्कुराए मकर बिंदु पर, रेनू बलाधर ने दिन सप्ताह महीने बीते बीत गया एक साल, मुबारक हो नया साल। कल्पना कुमारी ने ऑपरेशन सिंदूर पर ओज रस में प्रस्तुति प्रदान की जिस पर सभी झूम उठे, शीला तिवारी ने ‘हिंदी की अपने ही घर में क्यों पराई है। फिर ताराचंद्र महतो ने खोरठा भा भाषा में अपनी रचना प्रस्तुत दी। रजनी कटारे ने भगवान राम पर अपनी प्रस्तुति राम जहां हो होता वही सुखधाम बहुत सुंदर उन्होंने एक पूर्णिका भी प्रस्तुत की लफ्जों का कमाल देखिए। मीना अग्रवाल, निराला, सत्येन्द्र, शीला तिवारी और भी कई रचनाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां प्रदान की। अंत में निराला ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।मुख्य अतिथि के रूप में आदर देने के लिए डा. शिखा गोस्वामी सभी का हार्दिक आभार और धन्यवाद किया।
सुंदर संचालन के लिए मधुमिता साहा बधाई की पात्र हैं। देश भर के रचनाकारों का संयोजन के लिए श्याम कुमार भारती की अभिनंदन के पात्र हैं। विशिष्ट अतिथि के कर्णल मनमोहन ठाकुर जी ने सभी काअभिनंदन किया, काहनिका पत्रिका के डिजीटल अंक का विमोचन मनीषा सहाय द्वारा पटल पर किया गया।