सामाजिक क्रांति🛕🛕 आचार्य सुरेश जोशी

🍁🍁 *ओ३म्*🍁🍁
🛕🛕सामाजिक क्रांति🛕🛕
*ओ३म् सत्येनावृता श्रिया प्रावृता यशसा परिवृता।*
आर्य समाज मंदिर दानापुर पटना विहार के १४७ वें वार्षिकोत्सव के द्वितीय दिवस पर *सामाजिक क्रांति* विषय पर वैदिक विद्वानों द्वारा विचार प्रस्तुत किए गये।
बाराबंकी उत्तर प्रदेश से आमंत्रित विद्वान *आचार्य सुरेश जोशी वैदिक प्रवक्ता* ने वैदिक सिद्धान्तों के माध्यम से बताया कि *सामाजिक क्रांति के बिना समाज में शांति का साम्राज्य स्थापित करना असंभव है*।सम्यक् क्रांति के तीन सूत्रों का चर्चा करते हुए आपने बताया प्रथम सूत्र है। 🪷 *सत्येन आवृता*🪷 अर्थात् जीवन सत्यवादी होना चाहिए। जिस व्यक्ति के जीवन में *सत्यवाणी,सत्याचरण* वह समाज तो क्या खुद में भी क्रांति नहीं ला सकता।महर्षि दयानंद सरस्वती ने खुद से क्रांति की और सत्य को जाना।तब आर्य समाज के नियम बनाये उनमे प्रथम पांच नियमों में *सत्य को ही* प्रधानता दी।सत्य की रक्षा के लिए हंसते-हंसते प्राणों का बलिदान किया।उनकी सामाजिक क्रांति का पहला चरण था *मूर्ति पूजा हिंदुओं के के पतन का प्रथम कारण है,और दूसरी क्रांति का विषय था कि हम हिंदू हैं ये सबसे बड़ा झूठ है।*
एक [१] अप्रैल सन् १८७९ को महर्षि दयानंद सरस्वती जी ने *आर्य समाज दानापुर* को पत्र लिखा…………. ।‌
*इसी देश से विश्व में विद्या व सुख फैला है।अत:हिंदू की जगह आर्य समाज लिखें!आर्य हमारा तथा आर्यावर्त्त हमारे देश का नाम है।*
सामाजिक क्रांति का दूसरा सूत्र है 🪷 *श्रिया प्रावृता*🪷अर्थात् व्यक्ति के पास धन,ऐश्वर्य होना चाहिए।श्रीराम,श्रीकृष्ण,महर्षि दयानंद सरस्वती सभी ऐश्वर्य वान थे। *काकोरी कांड,चौरा-चोरी कांड क्रांतिकारियों का ऐश्वर्य वान होने का ही एजेण्डा* था।क्योंकि धन के बिना युवाओं का पोषण नहीं होता।अश्त्र-शस्त्र की पूर्ति नहीं होती उसके अभाव में अंग्रेजों को भगाना असंभव था।इसलिए सामाजिक क्रांतिकारियों के लिए विपुल मात्रा में धन अनिवार्य वस्तु है।
सामाजिक क्रांति का तीसरा बिंदु है 🪷 *यशसा परिवृता*🪷 अर्थात जो व्यक्ति यशस्वी नहीं है वो सामाजिक क्रांति नही कर सकता।यशस्वी बनने के लिए युवाओं को *चरित्र बल* की आवश्यकता है।इसके लिए *व्यायाम,खेल,योग,आसन,परिश्रम ,ईमानदारी,कर्तब्य निर्वाहन,स्वाध्या,परोपकार व सेवा भाव* युवाओं में होना जरुरी है।
आचार्य श्री ने बताया आर्य समाज *विगत १५० वर्षों से लगातार सामाजिक क्रांति के लिए अहर्निश* काम कर रहा है।यदि युवा पीढ़ी *आर्य समाजों के रविवारीय कार्यक्रम* में जाकर प्रतिभाग करे तो हर परिवार से बालक व बालिकायें सामाजिक क्रांति के लिए आगे आयेंगी और *कृष्णवंतोविश्वमार्यम्* का स्वप्न साकार होगा!
🕉️ *आचार्य ज्ञान प्रकाश*🕉️
बलिया से आमंत्रित विद्वान आचार्य ज्ञान प्रकाश वैदिक जी ने बताया वैदिक संस्कृति को अपनाने से ही समाजिक क्रांति का सही स्वरुप सामने आयेगा!
*🕉️पं०भानु प्रकाश*🕉️
बरेली से पधारे आमंत्रित विद्वान पं०भानु प्रकाश जी वैदिक भजनोपदेशक जी ने गीत की समधुर पंक्तियां *मेरे देश की बहनो सुन लो देख रही सारी।तुम पै बड़ी जिम्मेदारी* सुनाकर सबके अंदर भारतीय संस्कृति के लिए अमिट छाप छोड़ी।
*🕉️पं०रुक्मिणी जोशी*
बाराबंकी से पधारी वैदिक भजनोपदेशिका पं०रुक्मिणी जोशी ने * *सरस्वती,दुर्गा,लक्ष्मी,काली को परिवार।*
*मंदिर अंदर पूज रहे हैं जो भोले नर-नार।*वो इसका सार न समझे।भोले नर नार न समझे।* भजन सुनाकर समाज को चिंतन करने की प्रेरणा की।
🌴 *मुख्य अतिथि*🌴
इस अवसर पर सिक्मिम के भूतपूर्व राज्यपाल *गंगा प्रसाद चौरसिया* मुख्य अतिथि रहे!
🌹 *अतिथि सत्कार*🌹
विद्यालय के *प्रधानाचार्य आदरणीय अनिल जी* ने पुष्प माला से विद्वानों का सत्कार किया!
🌋 *कुशल संचालन*🌋
विद्यालय के सम्मानित शिक्षक *आदरणीय कृष्ण शास्त्री* ने समस्त कार्यक्रम का कुशल संचालन किया!
*आचार्य सुरेश जोशी*
🪷वैदिक प्रवक्ता🪷
*कार्यालय कक्ष*
डी०ए०वी इंटर कालेज
पटना-दानापुर विहार।
*7985414636*