लखनऊ। )सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने आज इंदिरा नगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ कोआपरेटिव एण्ड कार्पोरेट मैनेजमेंट रिसर्च एंड ट्रेनिंग (आईसीसीएमआरटी) में दीप प्रज्वलित कर नवनिर्मित कार्यालय का उद्घाटन किया। साथ ही उन्होंने ड्रोन पायलट प्रशिक्षण केंद्र (आरपीटीओ) के महिला प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय चरण के प्रथम एवं द्वितीय बैच का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजनांतर्गत एमबीए पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राओं को टेबलेट वितरण किया गया और आईसीसीएमआरटी के मुख्य भवन के जीर्णोद्धार का लोकापर्ण भी संपन्न हुआ।सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा ड्रोन पायलट प्रशिक्षण और कृषि में इसके उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है और उत्तर प्रदेश सरकार इस दिशा में पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि आईसीसीएमआरटी राज्य का उच्चस्तरीय ड्रोन प्रशिक्षण संस्थान बनकर उभर रहा है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया, नैनो डीएपी तथा दवाओं का छिड़काव कम लागत में किया जा सकेगा। इसके अलावा फसल बीमा और अतिवृष्टि जैसी घटनाओं का आंकलन भी सरल हो जाएगा।मंत्री ने महिलाओं को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 में ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूह की 266 महिलाओं को इस विशिष्ट ड्रोन प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जाएगा। उन्होंने छात्रों को टेबलेट वितरित कर तकनीकी कौशल विकसित करने और नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।आईसीसीएमआरटी के निदेशक राजीव यादव ने बताया कि ड्रोन प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं के लिए नए रोजगार के अवसर उत्पन्न करेगा और संस्थान जल्द ही त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी से संबद्धता के तहत एमबीए-कोऑपरेटिव, एमबीए-एग्री और अन्य पाठ्यक्रम शुरू करेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि संस्थान इस क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने में सफल रहेगा।इस अवसर पर आईसीसीएमआरटी में आयोजित प्रतियोगिताओं में एमबीए, बीबीए और बीकॉम ऑनर्स के छात्रों को उनके प्रदर्शन के आधार पर प्रमाण पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी इस अवसर को विशेष रूप से सराहा।