उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने महाकुंभ मेला क्षेत्र की सफाई और व्यवस्थापन को लेकर नगर विकास विभाग के प्रयासों को सराहा। उन्होंने बताया कि बसंत पंचमी के अमृत स्नान पर लगभग 4 करोड़ श्रद्धालुओं सहित 35 करोड़ से अधिक श्रद्धालु कुम्भ मेला में भाग ले चुके हैं। इस विशाल आयोजन की सफाई व्यवस्था के लिए 20,000 सफाई कर्मियों, सैकड़ों सुपरवाइज़रों, और हज़ारों मशीनों व वाहनों को तैनात किया गया है।श्री शर्मा ने बताया कि मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की विशेष निगरानी के लिए प्रयागराज नगर निगम और अन्य निकायों से 14 अधिकारियों को अतिरिक्त रूप से ड्यूटी पर तैनात किया गया। इस दौरान शौचालयों की डिस्लजिंग की व्यवस्था भी पूरी की गई, और अतिरिक्त 25 मोबाइल ट्वायलेट की व्यवस्था की गई। विभागीय मंत्री, प्रमुख सचिव और निदेशक स्तर के अधिकारियों द्वारा सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया गया।उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर विशेष टीमों द्वारा मेला क्षेत्र के विभिन्न सेक्टर्स का निरीक्षण किया जा रहा है, जिसमें डस्टबिन की उपलब्धता, शौचालयों की सफाई, और रोड स्वीपिंग शामिल है। जेट स्प्रे से शौचालयों की सफाई की जा रही है और खराब पाए गए शौचालयों को तत्काल ठीक किया जा रहा है। इसके अलावा, सभी अस्थायी मूत्रालयों पर साइनेज की व्यवस्था की गई है, और शौचालयों की दूरी के बारे में भी बोर्ड लगाए गए हैं।महाकुंभ मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए अखाड़ों में दोना-पत्तल और मेले में कपड़े के थैले वितरित किए गए हैं। श्रद्धालुओं के अमृत स्नान के बाद गार्बेज कलेक्शन को तत्परता से नजदीकी एमआरएफ और एसडब्लूएम प्लांट पर भेजा जा रहा है। सफाई कर्मी लगातार सफाई और रोड स्वीपिंग कर रहे हैं, और इस प्रक्रिया का निरीक्षण राज्य की डेडिकेटेड टीम द्वारा किया जा रहा है।इसके अलावा, मेला क्षेत्र में धूल को नियंत्रित करने के लिए नगरीय जल निगम के 200 जल छिड़काव टैंकरों को निरंतर सेवा में लगाया गया है।