उन्मुक्त उड़ान मंच पर नव वर्ष के आयोजन को बड़े धूमधाम से मनाया गया

उन्मुक्त उड़ान साहित्यिक मंच पर नव वर्ष 2025 के स्वागत में एक अद्वितीय और जीवंत एकल काव्य पाठ व आभासी काव्य गोष्ठी का आयोजन किया। इस आयोजन की अध्यक्षता मंच की संस्थापिका और अध्यक्षा डॉ दवीना अमर ठकराल ‘देविका’ ने की। उन्होंने गोष्ठी की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए सभी उपस्थित रचनाकारों और श्रोताओं को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं। और निम्न पंक्तियों- “नव वर्ष हम से कुछ कह, हर पल हम से कुछ माँग रहा है। बनकर एक दूसरे का सशक्त सहारा,साहित्यिक सफ़र को और अधिक मनोरंजक बनाते चले जाएँ। आत्मोन्मुख होकर, स्व से बातें कर,अपनी आत्मा को कागज़ पर उतार लेखनी को सशक्त करते जाएँ।” से आयोजन का शुभारंभ किया।

जीवंत काव्य पाठ और आभासी काव्य गोष्ठी में साहित्य जगत के तमाम विद्वतजनों ने हिस्सा लिया।

आयोजन की शुरुआत अमिता गुप्ता ने अपने सरस्वती वंदना और एकता गुप्ता ने ईश्वरीय वंदना से की । सुरेश चंद्र जोशी के आशीर्वचनों, अशोक दोशी की शुभकामनाओं, नीरजा शर्मा की मंगलकामनाओं व फूलचंद्र विश्वकर्मा की शुभ भावनाओं और संजीव भटनागर की आत्मीय प्रस्तुति ने आयोजन को पावन बना दिया। इस आयोजन में विनीता नरूला, स्वर्ण लता सोन, अनु तोमर, वीना टंडन, रंजना बिनानी, दिव्या भट्ट, सुमित जोशी ‘राइटर’, सरोज डिमरी, अनुपा कुमेड़ी, आशा बूटेला,नंदा बमराड़ा, कृष्ण कान्त मिश्र, किरण भाटिया, सुमन किमोठी, कुसुम लता, कंचन वैभव वर्मा, रेखा पुरोहित, नीतू रवि गर्ग तथा पूर्णिमा पाण्डेय जैसी तमाम वरिष्ठ रचनाकारों ने अपनी काव्य-प्रतिभा से मंच को सुशोभित किया। सुनील भारती, इन्द्रजीत सिंह, सुनील कुमार शर्मा, शशि आर्या, संतोषी किमोठी वशिष्ठ की गरिमामयी उपस्थिति ने आभासी काव्य गोष्ठी में चार चाँद लगा दिए।

आभासी काव्य गोष्ठी में रचनाकारों ने नव वर्ष के संकल्प, अपेक्षाएं और दायित्वों को विभिन्न छंदों और रसों के माध्यम से बखूबी चित्रित किया। प्रस्तुतियों में दोहे, घनाक्षरी, मुक्तक और विविध छंदों ने श्रोताओं को साहित्यिक यात्रा पर ले जाते हुए इंद्रधनुषी अनुभूतियों से सराबोर किया। कार्यक्रम का समापन डॉ. अनीता राजपाल के अनोखे अंदाज में हुआ। उन्होंने उन्मुक्त उड़ान मंच, कार्यकारिणी, और सभी रचनाकारों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आशा व्यक्त की, कि रचनाकार अपनी कल्पना को पूरे वर्ष उन्मुक्त रखेंगे और साहित्य सेवा में उत्कृष्ट योगदान देंगे। और अंत में मंच की संस्थापिका/अध्यक्षा डॉ. दवीना अमर ठकराल”देविका” ने “लो आ गया नया वर्ष, नया उल्लास और उम्मीद लेकर” पंक्तियों से आयोजन का समापन किया।