कारागार में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन कर बन्दियों को प्रदान की गई निःशुल्क विधिक सहायता 

अम्बेडकर नगर।उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लान ऑफ एक्शन 2024-25 के अनुपालन में राम सुलीन सिंह, माननीय जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर के निर्देशानुसार आज दिनांक 18.09.2024 को जिला कारागार, अम्बेडकरनगर में विभिन्न नियमों के तहत बन्दियों की रिहाई के सम्बन्ध में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन एवं कारागार निरीक्षण किया गया। इस विधिक साक्षरता शिविर में भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर, रमेश राम त्रिपाठी, चीफ, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल, गिरजाशंकर यादव, जेलर, सूर्यभान सरोज व तेजवीर सिंह, डिप्टी जेलर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी प्रदीप कुमार एवं पी०एल०वी० पीयूष, जिला

 

कारागार के कर्मचारीगण एवं कारागार बन्दियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

 

शिविर को सम्बोधित करते हुये भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज/सत्चिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा बताया कि माननीय उच्चम न्यायालय ने यह व्यवस्था दी है कि ऐसे विचाराधीन बन्दी को तुरंत रिहा किया जाये जिन्होने अपने ऊपर लगे अभियोग की संभावति अधिकतम सजा का आधा समय बतौर आरोपी जेल में व्यतीत कर लिया है। न्यायालय ने यह निर्देश दिया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं सचिव, जिला कारागार में जाकर इस प्रकार के बन्दियों की रिहाई के लिये आवश्यक प्रक्रिया की निगरानी करेंगे एवं आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। इस आदेश के बाद लम्बी अवधि से जेलों में बंद विचाराधीन कैदी रिहा हो सकेंगे।

 

इसके अतिरिक्त अपर जिला जज / सचिव महोदय द्वारा शिविर में उपस्थित बन्दियों को निःशुल्क विधिक सहायता, निःशुल्क अधिवक्ता प्रदान किये जाने एवं भारत सरकार द्वारा माह जुलाई में लागू किये गये नये कानूनों के विषय में भी बन्दियों को जागरूक किया गया।

 

कारागार निरीक्षण के दौरान अपर जिला जज / सचिव महोदय द्वारा जेल अधीक्षक को कारागार परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने हेतु निर्देशित किया गया एवं बन्दियों को आवश्यकतानुसार चिकित्सीय उपचार भी उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया सचिव महोदय द्वारा बन्दियों से वार्ता कर उनकी समस्याओं को सुना गया गया तथा आवश्यक निराकरण का आश्वासन दिया गया। अपर जिला जज / सचिव महोदय द्वारा जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि यदि किसी भी बन्दी को निःशुल्क विधिक सहायता अथवा अधिवक्ता की आवश्यकता है तो उसका प्रार्थना पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में प्रेषित करवायें तथा यदि कोई बन्दी जमानत के पश्चात् भी रिहा नहीं हो पा रहा है जो उसकी भी सूचना जि०वि०से०प्रा० कार्यालय में प्रेषित करवायें जिससे उसकी रिहाई हेतु प्रभावी पैरवी करवाते हुये बन्दी को रिहा करवाने का प्रयास किया जा सके।