स्वतंत्रता दिवस पर कवि सम्मेलनः मातृ भूमि पर हो गये हॅस हॅस कर बलिदान


बस्ती । स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में प्रेस क्लब सभागार में वरिष्ठ कवि डा. रामकृष्ण लाल जगमग की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन का आयोजन किया। संचालन डॉ. अफजल हुसेन अफजल ने किया। मुख्य अतिथि डा. वी.के. वर्मा ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुये अपनी पंक्तियों से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। उनकी रचना ‘भारत मां के रखवालों का, आजादी के मतवालों का वर्मा शत् शत् नमन् करें, आतंकवाद का दमन करें, को श्रोताओं ने सराहा।
कार्यक्रम के सूत्रधार विनोद उपाध्याय हर्षित की पंक्तियां हर एक दिल में इबादत बहुत जरूरी है, वतन पर मरने की चाहत बहुत जरूरी है’ के द्वारा देश प्रेम का संदेश दिया। अध्यक्षता कर रहे डा. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ की पंक्तियां ‘आजादी के लिये ही कितने बीर जवान, मातृ भूमि पर हो गये हॅस हॅस कर बलिदान’ के द्वारा अमर शहीदों को नमन् किया। कवि सम्मेलन में सागर गोरखपुरी, अजीत श्रीवास्तव ‘राज’, डा. सत्यव्रत, हरीश दरवेश, जगदीप सिंह ‘दीप’, आफताब आलम, जगदम्बा प्रसाद भावुक, तौव्वाब अली, हरिकेश प्रजापति, श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव, दीपक सिंह प्रेमी, अशद बस्तवी, डा. राजेन्द्र सिंह राही, आदित्य राज आदि कवियों, शायरों ने अमर सेनानियों को रचनाओं के माध्यम से याद किया। कवि सम्मेलन में बड़ी संख्या में काव्य प्रेमी, साहित्यकार, पत्रकार उपस्थित रहे।