रोटी की अहमियत

रोटी दिवस(०२ जून) पर विशेष

***********

हर प्राणी की जरूरत रोटी है

क्योंकि भूख सबको ही लगती है

और भूख का आखिरी विकल्प रोटी है।

दो जून की रोटी के लिए ही मानव

दिन रात भाग दौड़ करता है

तरह तरह के जुगाड़ करता है

जीवन के लिए सतत संघर्ष करता

हर कोशिश के पीछे रोटी होता है।

यह हमारी आपकी ही नहीं

हर प्राणी की कहानी है,

दो जून रोटी खातिर प्राणी

जाने कितना खून पसीना बहाता है

और सतत संघर्ष जारी करता है।

रोटी सिर्फ भूख ही नहीं मिटाती

हर रिश्ते की ताकत बनती है

मानव की औकात का बताती है।

कोई कितना भी बड़ा आदमी हो

धन दौलत सुख सुविधाओं से भरा घर हो

चाहे जिस जाति धर्म मजहब का हो

चाहे जितना अमीर गरीब हो

पर रोटी से बड़ा कोई नहीं है,

दो जून रोटी की खातिर

घर परिवार, अपनी माटी छूट जाती है,

हारी बीमारी सारी पीछे छूट जाती है,

रोटी सब पर भारी पड़ जाती है।

चिलचिलाती धूप, भीषण ठंड या बरसात हो

दो जून की रोटी की पहली जरूरत बन जाती है।

अच्छे अच्छों की औकात बता देती है

राजा हो रंक सबको श्रम की चक्की पिसाती है,

बिना परिश्रम दो जून की रोटी

दिन में भी तारे दिखा देती है,

सबको एक लाइन में खड़ा कर देती है,

रोटी अपनी अहमियत का मतलब

बिना भेदभाव सबको बताती ही रहती है।

सुधीर श्रीवास्तव

गोण्डा,उत्तर प्रदेश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *