उत्तराखंड की छोलिया नृत्य और गुजरात का गरबा रास की मनभावन प्रस्तुति तुलसी उद्यान मंच पर

 

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। तुलसी उद्यान मंच पर चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम के अन्तर्गत सोमवार को संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश अयोध्या में पांच सौ वर्षों के लम्बें इंतजार के बाद अस्तित्व में आए भव्य मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा का अंतरराष्ट्रीय रामोत्सव मकर संक्रान्ति से 14 जनवरी से होलिकोत्सव 24 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है। इसी कड़ी में सरस भजन का कार्यक्रम लोकप्रिय कलाकार नीशू त्यागी ने स्वरचित सोहर लोक गीत भी सुनाए।
सुधि श्रोताओं से भरे तुलसी उधान के परिसर में नीशू त्यागी ने सबसे पहले सोहर लोक गीत “अयोध्या झूम उठे” सुनाकर अपनी गायकी की मधुर शुरुआत की। इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए ।विशाल गुप्ता और अरुण सोनकर ने लोक गीत “राम जी से पूछे जनक पुर की नारी” सुनाया तो श्रोताओं ने करतल ध्वनि कर अपने उत्साह को प्रकट किया। इसके साथ ही कई बार उत्साहित राम भक्त श्रोताओं ने प्रभु राम के जयकारे भी लगाए।
नीशू त्यागी ने अपना स्वरचित सोहर लोक गीत ““अयोध्या झूम उठे” भी इस पावन मंच से अपने चाहने वालों के समक्ष प्रभावी रूप से रखा। लोगों की फरमाइश पर विशाल गुप्ता और अरुण सोनकर ने “सोला हजार सखी सोला हजार उनमें कनहिया खेले” और “होली खेले रघुवीरा अवध में” जैसे गीत भी सुनाए। उनके साथ साथी कलाकारों में नीशू त्यागी विशाल गुप्ता अरुण सोनकर, दिशा गुप्ता, सोनाली गोंड, फाल्गुनी सिन्हा, ढोलक पर सागर, आर्गन पर प्रमोद कुमार, पैड पर प्रकाश चन्द्र शामिल रहे। रामोत्तसव कार्यक्रम मे उत्तराखण्ड की नंदलाल व दल द्वारा छलिया नृत्य छोलिया नृत्य कहा जाता है यह एक तलवार नृत्य है जिसे प्रमुखतःशादी बारात हो या अन्य शुभ अवसरों पर किया जाता है जिसमें की ढोल,दमाऊ तुरी मास्कबिन आदि वाद यंत्रों के साथ विशेष वेशभूषा पहन कर सांकेतिक ढाल,तलवार लेकर युद्ध कौशल का प्रदर्शन करने वाला नृत्य छोलिया अथवा छलिया नृत्य कहा जाता है की प्रस्तुति को देख दर्शकों ने जमकर तालियां बजाई और खूब सराहा। दूसरी प्रस्तुति लखीमपुर से आए आचार्य पवन दत्त शर्मा बहुत की प्रस्तुति राम नाम का गुणगान बहुत प्रशंसनीय रही ।
इसके पश्चात देवघर उत्तराखंड से आए मनोज अजीत की लोक गायन “अयोध्या में दिवाली है, मेरे प्रभु राम आये है”, श्री रामचंद्र कृपाल हरि नाम श्रनारघुनायकम, “अयोध्या आए श्री राम,बोलो जय जय श्री राम”, “राम जी की सेना चली,होली गीत- होली खेले रघुवीरा अवध में होली खेले”,अवध में आ गए राजा राम ” की प्रस्तुति श्रोताओं को राम नाम से सराबोर कर दी।इसके पश्चात गुजरात हेमंग व्यास व दल द्वारा गुजरात का गरबा माता रानी की स्थिति में सरु आराधना जिसमें सभी महिलाएं अपने माथे पर गरबा और मांडवी लेकर गरबा घूमती है इस नृत्य में माता जी को बीच में रखकर गोल-गोल घूमते हैं की मातृशक्ति की की प्रस्तुति बहुत ही शानदार रही दर्शकों को सराहा
इसके पास साथ लखनऊ के निशु त्यागी की लोग गायन और नृत्य होली खेले रघुवीरा होली के रंगों से श्रोताओं को दर्शकों को भिगो दिया। इसके पश्चात डॉ सीमा मोदी की नृत्य नाटिका राम जी के विभिन्न कथाओं पर आधारित की प्रस्तुति जोरदार रही। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति कला एवं संस्कृति संस्थान के निदेशक अतुल द्विवेदी प्रदेश से आए कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किए ।

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