नई दिल्ली में ‘टू सिग्नेचर’ चित्रकला प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ, गुरु-शिष्या की अनूठी कला यात्रा से सजी गैलरी

नई दिल्ली:
ताल-स्वरा आर्ट कल्चर एंड एजुकेशन फाउंडेशन के तत्वावधान में आज 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के रफ़ी मार्ग स्थित ऑल इंडिया फाइन आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स सोसायटी (AIFACS) की गैलरी ए में ‘टू सिग्नेचर’ नामक भव्य चित्रकला प्रदर्शनी का शानदार शुभारंभ हुआ। यह प्रतिष्ठित प्रदर्शनी गुरु और शिष्या के बीच के गहरे कलात्मक संवाद और रचनात्मक प्रेरणा की सुंदर दास्तान बयां करती है। इस भव्य आयोजन का शुभारंभ ताल- स्वरा : आर्ट कल्चर एंड एजुकेशन फाउंडेशन के होनहार छात्रों के वायलिन वादन से हुआ , तत्पश्चात डॉ. अमृता आर्या ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की और अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। प्रसिद्ध चित्रकार गुरु रूपचंद और हिमांशी आर्या की कलाकृतियों को प्रदर्शिनी कला जगत में एक नया आयाम स्थापित कर रही हैं।
इस गरिमामयी उद्घाटन समारोह में देश की कई दिग्गज हस्तियों ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की, जिनकी उपस्थिति ने इस आयोजन के महत्व को और अधिक बढ़ा दिया। कार्यक्रम में प्रख्यात कथक नृत्यांगना पद्मश्री शोवना नारायण, प्रतिष्ठित चिकित्सक और आयोडीनमैन के रूप में प्रसिद्ध पद्मश्री डॉ. चंद्रकांत पांडव, वरिष्ठ साहित्यकार, पूर्व राजनयिक श्री अमरेंद्र कठुआ ,शांता आर्ट गैलरी के निदेशक श्री दिलीप हितकारी , वैश्वीक हिंदी परिवार के अध्यक्ष श्री अनिल जोशी ,हिंदी अकादमी के पूर्व सचिव श्री ऋषि कुमार शर्मा,वरिष्ठ साहित्यकर एवं संपादक डाॅ. विवेक गौतम ,वरिष्ठ चित्रकार श्री अजय समीर , प्रसिद्ध शिल्पकार श्री सुरेश कुमार सहित कला-साहित्य जगत की अनेक प्रसिद्ध हस्तियां इस अवसर पर उपस्थित रही ।
इन सभी प्रतिष्ठित दिग्गजों ने अपनी उपस्थिति से न केवल कलाकारों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि कला और संस्कृति के इस पावन मंच पर भारतीय परंपरा के उस शाश्वत मूल्य को भी रेखांकित किया जो एक ‘गुरु’ अपनी ‘शिष्या’ को सौंपता है। पद्मश्री शोभना नारायण ने अपने वक्तव्य में दोनों कलाकारों की कल में चित्रांकित जीवन मूल्य आदर्श भारतीय सांस्कृतिक विरासत की प्रशंसा की और इस अनूठे आयोजन के लिए बहुत शुभकामनाएं प्रदान की वैश्विक हिंदी परिवार के अध्यक्ष श्री अनिल जोशी ने इस अवसर पर बोलते हुए युवा चित्रकार हिमांशी आर्या के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उसकी कलाकृतियों में नारी जीवन के संघर्ष और उत्कर्ष की सुंदर व्याख्या की । इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ. हर्षवर्धन आर्य ने आयोजन का सुंदर संचालन किया और बताया कि यह अवसर कलाप्रेमियों के लिए इस अनूठी गुरु-शिष्या परंपरा की बारीकियों को गहराई से समझने, दोनों कलाकारों की कलाकृतियों के कैनवास पर रचे गए सूक्ष्म रंगों के संसार में उतरने और उनके सृजन के पीछे की वैचारिक यात्रा को आत्मसात करने का एक सुनहरा अवसर लेकर आया है। कला के जानकारों के अनुसार, ऐसे आयोजन न केवल वर्तमान पीढ़ी को समृद्ध करते हैं बल्कि आने वाले कल के लिए कला की विरासत को भी सहेज कर रखते हैं। इस अवसर पर आर्टियन आर्ट गैलरी के निदेशक सुमित अरोड़ा , डाॅ. अतिंदर पाल कौर , हर्षिता वात्सायन , अनिल मीत , सूरज वर्मा ,सरला आर्या ,राजेंद्र स्वामी आदि उपस्थित रहे । यह प्रदर्शनी आगामी 5 नवंबर 2026 तक प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक कला प्रेमियों के लिए खुली रहेगी।