हरैया पुलिस ने रेप पीड़िता का मुकदमा दर्ज करने मे लगाया 6 दिन,शिकायत पर सीडब्लूसी ने थानाध्यक्ष एवं विवेचक से माँगा स्पष्टीकरण 

हरैया पुलिस ने रेप पीड़िता का मुकदमा दर्ज करने मे लगाया 6 दिन,शिकायत पर सीडब्लूसी ने थानाध्यक्ष एवं विवेचक से माँगा स्पष्टीकरण

 

लवकुश सिंह संवाददाता

अनुराग लक्ष्य न्यूज बस्ती

 

बस्ती। जनपद के हरैया कोतवाली मे एक नाबालिग पीड़िता को पूरे 6 दिन दौड़ाया गया, उसके बाद उसका मुकदमा दर्ज किया गया, पीड़िता की माँ ने न्याय पीठ बाल कल्याण समिति मे उपस्थित होकर शिकायत पत्र प्रस्तुत कर कार्यवाही की मांग की है,न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मामले के विवेचक और थानाध्यक्ष को 27 अक्टूबर तक न्याय पीठ के समक्ष स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश जारी किया है, स्पष्टीकरण संतोषजनक नही पाये जाने पर विधिक कार्यवाही की जायेगी।

जानकारी के अनुसार उक्त थाना क्षेत्र के एक ग्राम निवासी व्यक्ति के पुत्री का पड़ोसी गाँव के व्यक्ति ने 3 अक्टूबर को अपहरण कर लिया और उसके साथ बलात्कार भी किया, मामले की जानकारी होने पर बालिका के माता पिता ने घटना की जानकारी मुकामी पुलिस को दी, और मुकदमा दर्ज करने की मांग किया,पीड़ित के अनुसार पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत करने के बजाय पीड़ित पक्ष पर सुलह करने का दबाव बनाया, इस बीच रोज थाने पर दौड़ाया गया लेकिन मुकदमा दर्ज नही किया गया, पीड़ित परिवार ने मामले को लेकर उच्चाधिकारीयों से शिकायत की तब जाकर 9 अक्टूबर को मुकदमा दर्ज किया गया, प्रकरण संज्ञान मे आने के बाद न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा, सदस्य अजय श्रीवास्तव, डा संतोष श्रीवास्तव, मंजू त्रिपाठी ने ने इसे बाल अधिनियम 2015,एवं पाकसो एक्ट 2012 का उल्लंघन मानते हुए, नाबालिग बच्ची के सर्वोच्च हित मे बाधक माना, और मामले के विवेचक तथा थानाध्यक्ष को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है,अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने पूछने पर बताया की किसी भी पाकसो पीड़िता को इस प्रकार दौड़ाना दंडनीय अपराध, बाल अधिनियम की मंशा के विपरीत तथा बच्चे के सर्वोच्च हित को प्रभावित करने वाला है। सी डब्लू सी के लिए बाल हित सर्वोपरि है।