यह हर्ष का विषय है कि हर्षित है शहर में, जिसका हर एक शे’र मुकम्मल है बहर में, सलीम बस्तवी अज़ीज़ी,,,,,,,,

अनुराग लक्ष्य, 15 अक्टूबर
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता ।
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल का शहर बस्ती हमेशा साहित्य और अदब के लिए जाना जाता रहा है। आपको बताते चलें कि यह शहर कभी अख्तर बस्तवी , कभी जिगर बस्तवी, के नाम से पूरे देश में जाना गया, तो कभी पूर्वांचल के कोहनूर शायर सलीम बस्तवी अज़ीज़ी के नाम से हमेशा सुर्खियों में रहा । जिनकी शायरी ने हमेशा समाज में एकजुटता भाई चारगी को आम करने के साथ देश प्रेम को अपनी शायरी का हिस्सा बनाया।
हर्ष का विषय है कि आज की तारीख़ में उसी परंपरा का एक बेमिसाल शायर बस्ती को मिला, जो आज अपनी खूबसूरत शायरी के लिए जाना और पहचाना जा रहा है । दुनिया ए अदब जिसे विनोद कुमार हर्षित के नाम से जानती और पहचानती है। जिसके लिए मैं सलीम बस्तवी अज़ीज़ी बड़े ही फख्र से यह बात कह सकता हूँ कि,
” यह हर्ष का विषय है कि हर्षित है शहर में,
जिसका हर एक शे’र मुकम्मल है बहर में,
ग़ज़लों में रँग ओ बू है, मोहब्बत की झलक भी,
जिसको भुला न पाएगा कोई भी दहर में ”
विनोद कुमार हर्षित पत्रकारिता जैसे पेशे में रहते हुए अपनी शायरी को जिस उरूज पर ले आएँ हैं, उसको देखकर यह कहना पड़ेगा कि बस्ती आने वाले दिनों में विनोद कुमार हर्षित के नाम से ज़रूर जाना और पहचाना जाएगा ।