समाजवादियों ने जयन्ती पर लोकनायक जय प्रकाश, महाराजा अग्रसेन को किया नमन्
जे.पी. बाबू, राजा अग्रसेन समाजवाद के पुरोधा थे- महेन्द्रनाथ यादव
लवकुश सिंह संवाददाता अनुराग लक्ष्य न्यूज बस्ती
बस्ती । समाजवादी पार्टी कार्यालय पर रविवार को प्रखर समाजवादी लोकनायक जय प्रकाश नारायण और हरियाणा राज्य के अग्रोहा के महान महाराजा अग्रसेन को उनकी जयन्ती पर याद किया गया। पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण करते हुये कहा कि जेपी बाबू के नाम से लोकप्रिय जयप्रकाश ने देश को अन्धकार से प्रकाश की ओर लाने का सच्चा प्रयास किया, जिसमें वह पूरी तरह से सफल रहे हैं। जयप्रकाश जी का समाजवाद का नारा आज भी गूँज रहा है। वहीं महाराजा अग्रसेन सामाजिक समरसता और समाजवाद के प्रणेता थे।
सपा जिलाध्यक्ष और बस्ती सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि देश को आजाद कराने हेतु जय प्रकाश जी ने तरह-तरह की परेशानियों को झेला किन्तु उन्होंने अंग्रेजों के सामने घुटने नहीं टेके, वे दृढ़निश्चयी व्यक्ति थे। संघर्ष के इसी दौर में उनकी पत्नी भी गिरफ्तार कर ली गईं और उन्हें दो वर्ष की सजा हुई, वह भी स्वतंत्रता आंदोलन में कूदी थीं और जनप्रिय नेता बन चुकी थीं। जयप्रकाश जी सच्चे देशभक्त एवं ईमानदार नेता थे। नई पीढी को ऐसे प्रखर समाजवादी नेता के जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढना होगा। कहा कि महाराजा अग्रसेन ने समाज में समानता स्थापित करने के लिए अनोखी पहल की। उनके राज्य में जब भी कोई नया परिवार आकर बसता था, तो प्रत्येक परिवार उसे एक ईंट (मकान बनाने के लिए) और एक रुपया (व्यापार शुरू करने के लिए) देता था। इससे उनके राज्य में कोई गरीब या बेघर नहीं रहता था। वे प्रखर समाजवादी थे।
पूर्व विधायक राजमणि पाण्डेय, विधायक कविन्द्र चौधरी ‘अतुल’, दयाशंकर मिश्र, मो. स्वालेह, मो. सलीम, आर.डी. निषाद, समीर चौधरी, गीता भारती, आदि ने जे.पी. बाबू को नमन् करते हुये कहा कि वे प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रशासनिक नीतियों के खिलाफ थे। 1974 में पटना में छात्रों ने आंदोलन छेड़ा था। आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से अंजाम देने की शर्त पर उन्होंने इसकी अगुआई की। इसी दौरान देश में सरकार विरोधी माहौल बना तो इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा कर दी थी। जेपी भी जेल गए और करीब सात महीनों तक सलाखों के पीछे रहे। उनकी तबीयत भी उन दिनों खराब थी, लेकिन जो सम्पूर्ण क्रांति का नारा दिया, उसने देश में लोकतंत्र की बहाली दोबारा सुनिश्चित कर दी। वक्ताओं ने कहा कि राजा अग्रसेन समाजवाद के पुरोधा थे।
जेपी बाबू और राजा अग्रसेन को नमन् करने वालों में मुख्य रूप से मो. युनूस आलम, प्रशान्त यादव, सुशील यादव, नवीन पाण्डेय, मान सिंह यादव, जीत बहादुर सिंह, जोखूलाल यादव, हनुमान प्रसाद चौधरी, सदावृक्ष तिवारी, डा. राम प्रकाश सुमन, नितराम चौधरी, अकबर अली, तूफानी यादव, अखिलेश यादव, अरविन्द सोनकर, दीपक आर्या, अशोक यादव, मो. रईस, प्रमोद यादव, अजीत यादव, लालमन यादव के साथ ही समाजवादी पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल रहे।