मानसून की विदाई में देरी के आसार

नई दिल्ली, । दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी भले ही उम्मीद से पहले शुरू हो गई हो, लेकिन सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण देश से इसकी पूरी तरह विदाई में देरी होने के आसार हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कई राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम में यह अस्थिरता अगले कई दिनों तक बनी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, ऊपरी अक्षांशों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों की श्रृंखला के कारण पाकिस्तान, बंगाल की खाड़ी तथा बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में चक्रवाती परिसंचरण मजबूत हुआ है। ये मौसम प्रणालियां अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों से नमी खींच रही हैं। इसके अलावा हरियाणा से लेकर गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल तक फैली एक द्रोणिका यानी कम दबाव की रेखा भी हवाओं को ऊपर उठाने और गंगा के मैदानी इलाकों में बादल बनने में मदद कर रही है।
उत्तर भारत के जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बारिश का दौर शुरू हो गया है। इन क्षेत्रों में 12 अक्टूबर तक बारिश जारी रहने की संभावना है। चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के कई जिलों के साथ झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है। बिहार में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बौछारें पड़ने का अनुमान है।
ओडिशा में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश होने की संभावना है। दक्षिण भारत में मानसून सक्रिय बना हुआ है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत में भी अच्छी बारिश जारी रहने का अनुमान है।
इसके विपरीत गुजरात, मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों और महाराष्ट्र में मौसम मुख्य रूप से शुष्क और गर्म रहने की संभावना है। हालांकि दक्षिणी महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।
उत्तर प्रदेश में मंगलवार को मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। तराई और पूर्वांचल के कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलीं और हल्की से भारी बारिश हुई। बारिश के कारण कई इलाकों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
अंबेडकरनगर में सर्वाधिक 85 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद जौनपुर में 84 मिलीमीटर, लखीमपुर खीरी में 62 मिलीमीटर, बहराइच में 59 मिलीमीटर और गोंडा में 40 मिलीमीटर बारिश हुई। कई जिलों में तेज हवाओं का भी असर रहा। वाराणसी में हवा की अधिकतम रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची, जबकि मिर्जापुर में 52 और गोरखपुर में 42 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।
मौसम विभाग ने बहराइच और लखीमपुर खीरी तथा लखनऊ के आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से तेज बारिश की चेतावनी दी है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जो कहीं-कहीं 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है।
दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को हल्के बादल छाए रहने का अनुमान है। तापमान 22 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। हालांकि मौसम विभाग ने दिल्ली में आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। ऐसे में आसमान पूरे दिन साफ रहने की संभावना नहीं है।
दिल्ली में 7 अक्टूबर के आसपास बारिश शुरू होने और 9 अक्टूबर तक इसके तेज होने की संभावना जताई गई है। हरियाणा में भी कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की भी संभावना है।
बिहार में भी आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 8 अक्टूबर तक बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
राजस्थान में भी आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव के संकेत हैं। उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है। 11 और 12 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिमी जिलों में बादल छाने तथा कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है।
मौसम में इस बदलाव के बाद तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। 12 अक्टूबर से रात के तापमान में कमी आने की संभावना है। इसका असर शेखावाटी और बीकानेर संभाग में अधिक देखने को मिल सकता है।
हालांकि दक्षिणी और पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। बीकानेर, चूरू, बाड़मेर, जोधपुर, सिरोही, पाली, डूंगरपुर, राजसमंद, भीलवाड़ा, उदयपुर और चित्तौड़गढ़ जैसे क्षेत्रों में फिलहाल बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार 8 अक्टूबर तक पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत उत्तरी पहाड़ी राज्यों में भी बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। 9 अक्टूबर तक बारिश का प्रभाव दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान तक फैल सकता है।
कुल मिलाकर आने वाला सप्ताह उत्तर, पूर्व, दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के लिए मौसम के लिहाज से अस्थिर रहने वाला है। मौजूदा मौसम प्रणालियां देश के उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में नमी और बादलों को बढ़ावा दे रही हैं। वहीं गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में वायुमंडलीय परिस्थितियां बारिश के अनुकूल नहीं हैं। इसलिए इन क्षेत्रों में गर्म और शुष्क मौसम जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने प्रभावित राज्यों के लोगों को आंधी-तूफान के दौरान घरों के भीतर रहने की सलाह दी है। लोगों से पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने तथा बिजली के खंभों, तारों और खुले खेतों से दूर रहने को कहा गया है।
किसानों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने कटी हुई फसलों को अचानक होने वाली बारिश से बचाने और बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में फसलों पर छिड़काव या कटाई का काम कुछ समय के लिए टालने की सलाह दी है।