उन्मुक्त उड़ान मंच’ ने भाषा-प्रेम और साहित्य-सृजन से सराबोर कर बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया ‘हिंदी सप्ताह’

उन्मुक्त उड़ान मंच’ ने भाषा-प्रेम और साहित्य-सृजन से सराबोर कर बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया ‘हिंदी सप्ताह’

 

साहित्य, सृजन और सामाजिक सरोकारों को समर्पित “उन्मुक्त उड़ान मंच—आपका अपना साहित्यिक मंच” ने मंच की संस्थापिका एवं अध्यक्षा डॉ. दवीना अमर ठकराल देविका के कुशल मार्गदर्शन में 14 से 19 सितंबर तक छः दिवसीय ‘हिंदी सप्ताह’ का भव्य, गरिमामय एवं भावपूर्ण आयोजन किया। पूरे सप्ताह मंच का पटल हिंदी के प्रति सम्मान, स्वाभिमान, भाषाई समृद्धि और राष्ट्रीय दायित्व की चेतना से ओत-प्रोत रहा। सभी दिवसों में रचनाकारों ने छंदमुक्त कविता विधा के माध्यम से अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियाँ दीं।

हिंदी सप्ताह का शुभारंभ 14 सितंबर (सोमवार) को “प्रथम दिवस: हिंदी—हमारी पहचान, हमारा स्वाभिमान” विषय के साथ हुआ। आयोजन प्रभारी डॉ. फूलचंद्र विश्वकर्मा “भास्कर” जी द्वारा विषय निरूपण और सुरेश चंद्र सहयोगी के मंच संयोजन के तत्वावधान में कुल 45 रचनाकारों ने सहभागिता की, जिनमें 22 ने वीडियो तथा 23 ने लिखित रूप में काव्य-प्रस्तुतियाँ दीं।

15 सितंबर (मंगलवार) को “द्वितीय दिवस: हिंदी के प्रति हमारा दायित्व” विषय पर आयोजन प्रभारी डॉ. अनीता राजपाल वसुंधरा जी के विषय निरूपण और रेखा पुरोहित तरंगिणी के मंच संयोजन

में 33 रचनाकारों ने सहभागिता की। रचनाकारों ने भाषा के संरक्षण, देवनागरी के प्रयोग और भाषाई उत्तरदायित्व को अपनी रचनात्मक दृष्टि से प्रस्तुत किया।

16 सितंबर (बुधवार) को “तृतीय दिवस” हिंदी और नई पीढ़ी—बदलता परिवेश, बदलती भाषा” विषय पर आयोजन प्रभारी संजीव कुमार भटनागर सजग के प्रवर्तन और अशोक दोशी दिवकर के मंच संयोजन में 34 रचनाकारों ने सहभागिता करते हुए नई पीढ़ी के दृष्टिकोण, डिजिटल माध्यमों और आधुनिक परिवेश में बदलती भाषा के विविध पक्षों को शब्दों में पिरोया।

17 सितंबर (बृहस्पतिवार) को “चतुर्थ दिवस: हिंदी—भावों की सहज अभिव्यक्ति” विषय पर आयोजन प्रभारी सुमन किमोठी वसुधा जी के विषय निरूपण और नीतू रवि गर्ग कमलिनी जी के मंच संयोजन में अनूठा आयोजन सम्पन्न हुआ। इसमें 43 रचनाकारों ने अपनी कल्पनाशक्ति को शब्दों का आकार देते हुए भाषा की सहजता को रेखांकित किया।

18 सितंबर (शुक्रवार) को “पंचम दिवस: हिंदी का वर्तमान और भविष्य” विषय पर आयोजन प्रभारी एकता गुप्ता काव्या महक जी के विषय निरूपण, और अमिता गुप्ता नव्या सुरभि के मंच संयोजन

में 36 रचनाकारों ने वैश्विक पटल और तकनीकी युग में हिंदी की प्रासंगिकता व उज्ज्वल संभावनाओं पर विचारोत्तेजक काव्य-सृजन किया।

हिंदी सप्ताह का भव्य समापन 19 सितंबर (शनिवार) को “अंतिम दिवस: शब्द-शब्द में हिंदी, कण-कण में हिंदुस्तान” विषय के साथ हुआ। आयोजन प्रभारी विशेष शर्मा सुहासिनी जी के विषय निरूपण और नीरजा शर्मा अवनि जी के मंच संयोजन में 50 रचनाकारों ने ओजपूर्ण अभिव्यक्ति के साथ राष्ट्रप्रेम तथा भाषाई एकता को अपनी लेखनी से साकार किया।

इस अवसर पर मंच की संस्थापिका एवं अध्यक्षा डॉ. दवीना अमर ठकराल देविका ने सभी सहभागी साहित्यकारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी केवल बोलचाल की भाषा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और कर्तव्यबोध का नाम है।

आयोजन में अशोक दोशी दिवाकर, संजीव कुमार भटनागर सजग, डॉ. फूलचंद्र विश्वकर्मा भास्कर, विशेष शर्मा सुहासिनी, डॉ. अनीता राजपाल अनु वसुंधरा, .मंजुला सिन्हा मेघा, अनु भाटिया हंसिनी, सविता मेहरोत्रा सुगंधा, लीला तिवानी, वीना टण्डन पुष्करा, किरण भाटिया नलिनी, डा0 स्वर्ण लता सोन कोकिला, ताहीर हुसैन, जय सिंह रावत, डॉ.पूर्णिमा पाण्डेय पूर्णा, अंजू श्रीवास्तव अंजनी, डॉ. पूनम सिंह सारंगी, नीतू रवि गर्ग कमलिनी, रंजना बिनानी काव्या, शिवा सिंहल, डॉ. इंदु भार्गव, अनिल जैन, प्रेम सिंह काव्या, संगीता चमोली इंदुजा, सुनील भारती आजाद, बबीता भाटिया, प्रवीणा सिंह राणा प्रदन्या, विद्या शंकर अवस्थी, कंचन मनि, नृपेन्द्र कुमार चतुर्वेदी, अशोक पटसारिया नादान, सुख मंगल सिंह, सुरेश कुमार गौरव, रेखा रावत रागिनी, निशा कौल शर्मा चंद्रिका, रेखा पुरोहित तरंगिणी, अमिता गुप्ता सुरभि, मुदिता ठाकर, अरुण ठाकर कवित्त, छगन लाल मुथा, संगीता मुरसेनिया, दलजीत ग्रेवाल, संगीता वर्मा, ममता दूबे, अब्दुल सलाम कुरेशी, कुसुम लता तरुषी, वीरेंद्र प्रसाद सोनी, संतोषी किमोठी वशिष्ठ, नीरू बंसल, सतीश गुप्ता पोरवाल, राजेश शर्मा, डा0 प्रीतम कुमार झा, शिमला पाण्डेय, गजेंद्र वर्मा, भगवत मिश्रा, प्रभात सनातनी राज गोंडवी, बीर सिंह, देवेश्वरी खण्डूरी, सुमन किमोठी वसुधा, अंजनी कुमार चतुर्वेदी, परमा दत्त झा, माधुरी श्रीवास्तव, एकता गुप्ता काव्या महक, ममता दूबे, डॉ अर्चना तिवारी, नरेंद्र प्रसाद सिंह, सुनील माधव, कपिला शर्मा, पुनीता भारद्वाज, सुरेश गौरव, एन एल शर्मा निर्भय, उदय सिंह कुशवाह, संजय यादव, उषा सक्सेना, सुरेश सरदाना, गोविंद सूचिक, डॉ मधुकर राव, कंचन वैभव वर्मा, पूनम मेहता पूर्णिमा, शालिनी श्रीवास्तव, कृष्णकांत मिश्र कमल, नीरजा शर्मा अवनि व सुरेश चंद्र जोशी सहयोगी, 95 से ज्यादा कलमकारों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

मंच की कार्यकारिणी के सुरेशचंद्र जोशी सहयोगी, विशेष शर्मा सुहासिनी, रेखा पुरोहित तरंगिणी, संजीव कुमार भटनागर सजग और अशोक दोशी दिवाकर ने विभिन्न चरणों में मार्गदर्शक की भूमिका निभाई। नीरजा शर्मा अवनि, नीतू रवि गर्ग कमलिनी व सुनील भारती आज़ाद सौरभ ने सहभागिता पोस्टर एवं सम्मान-पत्र तैयार कर आयोजन को आकर्षक स्वरूप प्रदान किया।

‘उन्मुक्त उड़ान मंच’ का यह आयोजन भाषा-प्रेम और जन-जागरण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं स्मरणीय पहल सिद्ध हुआ।