सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर परमहंस आचार्य, गणपति का किया पूजन-अर्चन

 

मुंबई। अयोध्या की तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य इन दिनों महाराष्ट्र के मुंबई प्रवास पर हैं। अपने भक्तों से मुलाकात और उन्हें धर्म एवं आध्यात्म का संदेश देने के साथ वह धार्मिक स्थलों का दर्शन-पूजन भी कर रहे हैं। उनके साथ उनके उत्तराधिकारी महंत एकनाथ महाराज भी मौजूद हैं।

इसी क्रम में परमहंस आचार्य शुक्रवार को मुंबई स्थित प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान गणेश का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद लिया। मंदिर के महंत एवं पुजारियों ने उनका स्वागत और अभिनंदन किया।

इस अवसर पर महंत एकनाथ महाराज ने भगवान गणेश को विघ्नहर्ता बताते हुए कहा कि जो श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान गणेश की आराधना करता है, उसके जीवन में आने वाले विघ्न दूर होते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश ने अपने माता-पिता की परिक्रमा कर संसार को महत्वपूर्ण संदेश दिया था कि माता-पिता से बढ़कर कुछ नहीं है। माता-पिता ही सबसे बड़ा तीर्थ हैं और उनकी सेवा, पूजा तथा तपस्या करना मनुष्य के लिए सबसे बड़ा धर्म है।

महंत एकनाथ महाराज ने कहा कि गणेश उत्सव केवल उत्सव मनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि भगवान गणेश के आदर्शों और उनके संदेशों को अपने जीवन में उतारना भी आवश्यक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से माता-पिता का सम्मान करने, उनकी सेवा करने और सनातन धर्म के संस्कारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।