वेद हैं कल्याणी वाणी, इसमें निहित ज्ञान अमर और अपरिवर्तनीय-आचार्य सुरेश जोशी
*12 सितंबर तक सायं 6:30 से 9:00 बजे तक चलेगा अनवरत भजन-उपदेश कार्यक्रम*
लवकुश सिंह संवाददाता
अनुराग लक्ष्य न्यूज बस्ती
बस्ती। आर्य समाज नई बाजार, बस्ती के सौजन्य से प्रेस क्लब बस्ती के अध्यक्ष विनोद उपाध्याय के नेतृत्व में गांधी नगर स्थित गौरीदत्त धर्मशाला और स्वामी दयानंद विद्यालय सुरतीहट्टा बस्ती में वैदिक सत्संग का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आचार्य सुरेश जोशी ने आचार्य चाणक्य के कथानक का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस घर में विद्वानों का आगमन, यज्ञ और परस्पर सामंजस्य नहीं होता, वह घर श्मशान के समान होता है। वेदों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि वेद मानव मात्र के लिए हैं और यह कभी पुराने नहीं होते। वेद ही कल्याणी वाणी हैं, क्योंकि जिस ज्ञान में कभी कोई परिवर्तन नहीं होता और जिसे बुद्धि सहजता से स्वीकार करे, वही सत्य है। जिसमें विज्ञान और गणित का सटीक सामंजस्य हो, वही कल्याणी वाणी हो सकती है। वेदों में प्राणिमात्र के उन्नतशील जीवन के लिए उपयोगी विभिन्न कलाएं विद्यमान हैं, जबकि शेष धर्मों का ज्ञान पूर्ण नहीं है।
सत्संग के दौरान विदुषी रुक्मिणी जोशी ने अपने प्रेरक और मनोहारी भजनोपदेश से उपस्थित श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन आचार्य देवव्रत आर्य ने किया।
आर्य समाज नई बाजार के प्रधान ओम प्रकाश आर्य ने उपस्थित जनसमुदाय से अपील करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का समापन 12 सितम्बर को होगा। तब तक प्रतिदिन सायं 6:30 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक अनवरत भजन व उपदेश का क्रम जारी रहेगा। उन्होंने सभी से सपरिवार सम्मिलित होकर पुण्य लाभ अर्जित करने का अनुरोध किया। इस अवसर पर विनोद उपाध्याय ने उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जिले स्तर पर वैदिक सेमिनार करने का अवश्वासन दिया।
इस अवसर पर योगरत्न आदित्य नारायण गिरि, नरेंद्र उपाध्याय, धर्म प्रकाश उपाध्याय, गोवर्धन उपाध्याय, लक्ष्मी, शिवम, राजेंद्र, राकेश तिवारी, सर्वेश, वशिष्ठ पाण्डेय, अरविन्द मानव, मनोज कुमार, प्रकाश चन्द्र गुप्ता, डॉ. अजय किशोर श्रीवास्तव, संतोष श्रीवास्तव, ऊषा उपाध्याय, ऊषा उपाध्याय, किरन देवी, नीलम शुक्ला, अनुराग श्रीवास्तव, लवकुश सिंह, प्रीती उपाध्याय, उपमन्यु उपाध्याय, मेनिका , योग शिक्षक राम मोहन पाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु सपरिवार उपस्थित रहे।